इस्लामाबाद। पीओके में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन होते रहते हैं लेकिन इस बार इस्लामाबाद में छात्र सड़कों पर उतरे हैं। यह छात्र गुमशुदगी के शिकार हो रहे सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के समर्थन में विशाल रैली कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आजादी समर्थक नारे भी लगाए। साथ ही राज्य प्रायोजित आतंकवाद की निंदा भी की। उन्होंने इस दौरान सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग भी की। बताया जाता है कि वे रैली का समापन तीन दिन के भूख हड़ताल के साथ करेंगे।


आपको बता दें कि, 2010 से ही पाकिस्तान के सिंध प्रांत में गुमशुदगी के 1200 से अधिक मामले दर्ज किये गए हैं। पिछले साल फरवरी से अब तक 160 लोग लापता हो चुके हैं। ये सभी लापता लोग अधिकतर मानवाधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ता या पत्रकार हैं। कहा जाता है कि इन्होंने सरकारी नीतियों की आलोचना की थी जिसके बाद ये लापता हो गए।


ऐसा माना जाता है कि सुरक्षा बलों ने उनका अपहरण कर उन्हें कहीं कैद करके रखा है। इसके पहले पाकिस्तानी बलों ने प्रदर्शन कर रहे परिवारों पर बल प्रयोग किया था। लापता लोगों के परिजनों का मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और आईएसआई ने उनका अपहरण किया है। 20 मई को कराची प्रेस क्लब के सामने सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के परिजनों ने तीन दिन के भूख हड़ताल का आयोजन किया है।


डेढ़ माह में 24 ईसाई युवक लापता


बीते शनिवार को खबर आई थी कि कराची में 30 मार्च से अब तक ईसाई समुदाय के 24 युवक संदिग्ध हालात में गायब चुके हैं। पीड़ित परिवारों ने इसके पीछे सुरक्षा बलों का हाथ होने का संदेह का जताया है।