मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित मशहूर गायक किशोर कुमार के 100 साल पुराना पुश्तैनी घर बिक गया हैं. बताया जा रहा है कि जिले के सबसे बड़े व्यापारी अभय जैन ने दिवंगत किशोर कुमार का मकान खरीदा हैं. मकान के खरीदने को लेकर व्यापारी अभय जैन की किशोर कुमार के परिजन से डील हुई थी.


बॉलीवुड के महान गायक का पारिवारिक मकान गौरीकुंज खंडवा नगर के बाम्बे बाजार क्षेत्र में स्थित है. पार्श्व गायक और कलाकार किशोर कुमार को अपनी जन्मभूमि खंडवा से बेहद और गहरा लगाव था. खंडवा का वहीं पैतृक मकान जहां किशोर कुमार का जन्म हुआ आज किसी सौदागर के हाथ उनके परिजनों के द्वारा बेच दिया गया. इस घर से कभी किशोर कुमार की यादें बसती थीं.


किशोर कुमार के घर के बिकने को लेकर कई दिनों से बात चल रही थी. सूत्रों के अनुसार, जिले के व्यापारी अभय जैन ने दिवंगत किशोर कुमार के परिजनों से घर खरीदने को लेकर डील की थी. इसके बाद शुक्रवार रात को बताया गया कि किशोर कुमार का पैतृक घर बिक गया है.


बता दें कि 14 जुलाई 2017 को किशोर कुमार के घर को तोड़ने की कवायद की खबरें मीडिया में सुर्खियों में रही. इसके बाद कलेक्टर अभिषेक सिंह ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया है. कलेक्टर ने कहा कि उनके रहते हुए किशोर कुमार के घर को तोड़ने नहीं दिया जाएगा.



खंडवा नगर निगम के आयुक्त जेजे जोशी ने एक दिन पहले बताया था कि फिलहाल इस मकान में कोई नहीं रहता है. इसलिए नोटिस मकान पर चस्पा किया गया था. इसमें मकान मालिक को मकान के खतरनाक हिस्से को गिराने के लिए कहा गया है. वर्षा से पूर्व खतरनाक भवनों की जांच करने की यह हमारी सामान्य गतिविधि है.


-किशोर कुमार, उनके भाई अशोक कुमार और अनूप कुमार ने अपने प्रारंभिक वर्ष इसी मकान में बिताए हैं.

-किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा में हुआ था.

-खंडवा से वह मुम्बई चले गये लेकिन वह हमेशा वापस अपने जन्मस्थान खंडवा आना चाहते थे.

-13 अक्टूबर 1987 को अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने अपनी यह अंतिम इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी.

-हालांकि उनकी इच्छा के मुताबिक उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार खंडवा में ही किया गया था.

-किशोर कुमार की स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार ने 1997 में किशोर कुमार सम्मान शुरू किया, जो फिल्म निर्देशन, अभिनय, कहानी लेखन और गीत लेखन के क्षेत्र में प्रतिवर्ष दिया जाता है.