घर की खुशहाली और सुख समृद्धि में वास्तु का बहुत ही महत्व होता है। अगर हमारे रोजमर्रा के जीवन में वास्तु की कुछ आसान बातों के ध्यान रखा जाए तो घर की हर परेशानी पैसों से जुड़ी हो या खराब सेहत तक सभी कुछ ठीक हो जाता है। मन और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। इन नियमों का पालन कर आप अपने बेडलक को गुडलक में बदल सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही नियमों के बारे में….

इस दिशा में सोएं

दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना बेहतर माना गया है। ऐसी स्थ‍िति में स्वाभाविक तौर पर पैर उत्तर दिशा में रहेगा। शास्त्रों के साथ-साथ प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, सेहत के लिहाज से इस तरह सोने का निर्देश दिया गया है।

तरह दूर करें नकारात्मक ऊर्जा 

वास्तुशास्त्र के अनुसार, पूजा के दौरान मंदिर में रखे हुए गंगाजल को पूजा के बाद सारे घर में छिड़कें। इससे घर की सारी नकारत्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।

इनके लिए जरूर निकालें रोटी

रोटी बनाते समय, गाय के लिए पहली और कुत्ते के लिए आखिरी रोटी जरूरी निकालें। इससे वास्तु दोष के दुष्प्रभाव को कम होता है।

घर में ना रखें सूखे फूल

घर में कभी भी सूखे फूल न रखें। पूजा में हमेशा पुराने फूलों को हटाकर नए व ताजा फूलों से ही पूजा करें। घर में सूखे फूल हमेशा नकारात्मकता लाते हैं। सूखें फूलों को हमेशा जल में प्रवाहित कर दें।

इस दिशा में खाएं खाना

घर में सुख-शांति, तनाव और बीमारी बनाए रखने और रोगों से बचे रहने के लिए उत्तर दिशा की ओर मुंह करके खाना बनाना सबसे अच्छा माना जाता है।

स तरह सूर्य को चढ़ाएं जल

घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए रोज सुबह उठकर तांबे के बर्तन से सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।

यहां कभी ना खाएं खाना

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी बिस्तर पर या फिर अपने कमरे में खाना नहीं खाना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश करती हैं। हमेशा खाना रसोई में ही खाएं।