धमतरी जिले के आमदी नगर पंचायत में लगभग दो दर्जन परिवार बीते 20 साल से जमीन पट्टा के लिए भटक रहे हैं. दो दशक पहले गांव की जिस जमीन को आबादी घोषित किया गया था वहा ये 20 परिवार अपना मकान बना कर रह रहे है. सभी परिवार रोजी मजदूरी करने वाले वर्ग से है.


20 साल पहले सभी से पट्टे के लिये पैसे लेकर रसीद भी दिया गया था. लेकिन आज अलग राज्य बनने के 18 साल बाद भी लोगों को जमीन का पट्टा नहीं मिल पाया है. अब इन लोगों को ये डर सता रहा है कि कहीं उनका मकान अवैध अतिक्रमण मान कर तोड़ न दिया जाए. अगर ऐसा होगा तो सभी परिवार बेघर हो जाएंगे.


परेशान लोगों ने जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या सुना कर न्याय और पट्टा दिलाने की गुहार लगाई है. एडीएम केआर ओगरे का कहना है कि पट्टे के लिए अलग नियम-कायदे है. मामले की बारीकी से जांच करने के बाद ही पट्टा दिया जा सकेगा.