नई दिल्ली  राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए येदियुरप्पा राजभवन के लिए निकले हैं. रास्ते में उन्होंने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन  पूजन किया. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक येदियुरप्पा शपथ ग्रहण समारोह के बाद सदन में बहुमत साबित करने की तारीख का ऐलान कर सकते हैं. बता दें कि बीजेपी के विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 9 बजे शपथ लेंगे.


कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बुधवार की शाम बी. एस. येदियुरप्पा को नई सरकार गठित करने और गुरुवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया. येदियुरप्‍पा को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा. शपथग्रहण समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह मौजूद नहीं रहेंगे.


इससे पहले गुरुवार को तड़के सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक बीजेपी को बड़ी राहत दी और येदियुरप्पा की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी से समर्थक विधायकों की लिस्ट भी मांगी है. साथ ही राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की भी मांग की है. मामले में अब कोर्ट शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे दोबारा सुनवाई करेगी.


इससे पहले कांग्रेस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक में सरकार बनाने के लिये बीजेपी को आमंत्रित करने के राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका पर रात में सुनवाई करने के लिये सहमत हो गया.


याचिका में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई.


राज्यपाल ने देर शाम बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया था. येदियुरप्पा को 15 दिन में विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा गया है. बीजेपी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में 104 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.


वहीं चुनाव के बाद बने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के 116 विधायक हैं. इस गठबंधन ने भी राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया था.


बीजेपी की राज्य इकाई के प्रवक्ता वामनाचार्य ने कहा, "हमें राजभवन से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें येदियुरप्पा को सरकार गठन करने और सुबह 9.30 बजे शपथ ग्रहण करने के लिए कहा गया है." शहर के मध्य स्थित राजभवन के लॉन में ग्लास हाउस में येदियुरप्पा एक साधारण समारोह में कड़ी सुरक्षा के बीच अकेले शपथ ग्रहण करेंगे.


वामनाचार्य ने कहा कि राज्यपाल ने पार्टी नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक राजभवन से मीडिया को कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है.