बेंगलुरु/नई दिल्ली कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए हैं, लेकिन अभी भी सरकार किसकी बनेगी यह साफ नहीं हुआ है. सरकार बनाने को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस लगातार मोर्चेबंदी कर रही हैं. बीजेपी कह रही है कि उनके संपर्क में जेडीएस-कांग्रेस के विधायक हैं, तो वहीं कांग्रेस अपने विधायकों को रिजॉर्ट में ले जा सकती है. बेंगलुरु में बुधवार को बैठकों का दौर भी जारी है, कांग्रेस-जेडीएस-बीजेपी अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लगे हुए हैं.

दूसरी ओर बी. एस. येदियुरप्पा बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि वह कल (गुरुवार) को शपथ लेंगे. विधायक दल की बैठक के बाद येदियुरप्पा और प्रकाश जावड़ेकर राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं.

क्या करेंगे राज्यपाल?


हालांकि इन सबके बीच सभी की राज्यपाल पर टिकी हैं कि सरकार बनाने के लिए वे पहले किसको निमंत्रित करते हैं. राज्यपाल के पास अभी दो विकल्प हैं, पहला ये कि वे सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को पहले बुलाएं और बहुमत साबित करने के लिए कहें या फिर जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए न्यौता दें, जोकि जादुई आंकड़े का दावा कर रहे हैं.


...तो हो जाएगा खून-खराबा!


बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि बीजेपी उनके विधायकों को धमका रही है. उन पर दबाव बना रही है, उसे लोकतंत्र में भरोसा नहीं है. आजाद ने कहा कि अगर राज्यपाल ने संवैधानिक मूल्यों का पालन नहीं किया और हमें सरकार बनाने के लिए निमंत्रित नहीं किया, तो यहां खूनी संघर्ष होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों के असंतुष्ट होने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन वास्तव में बीजेपी असंतुष्ट है.


संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का कहना है कि ये पूरी तरह राज्यपाल पर निर्भर है कि वे सरकार बनाने के लिए पहले किसे आमंत्रित करते हैं. सबसे बड़ी पार्टी को, या गठबंधन सरकार को.


नतीजों में बीजेपी बनी है सबसे बड़ी पार्टी


मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एक सीट अन्य के हिस्से में भी आई है.