भोपाल ।। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान बदले जाने के बाद अब जिलों के अध्यक्षों में परिवर्तन होने की संभावना है। करीब एक दर्जन जिलों में अध्यक्ष या तो बदले जाएंगे या फिर वहां कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की जा सकती है। यह फैसला नवनियुक्त अध्यक्ष कमलनाथ के दिल्ली से लौटने के बाद होने के आसार हैं। हालांकि इन जिला अध्यक्षों के परिवर्तन को लेकर प्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया भी कई बार तारीखें दे चुके हैं।


कांग्रेस संगठन की जिला इकाइयों में अभी कई स्थानों पर असमंजस की स्थिति है। कुछ जिला अध्यक्ष विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, जिससे वहां नए जिला अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। साथ ही कुछ जिला इकाइयां निष्क्रिय स्थिति में थीं, जिनके स्थान पर नए अध्यक्ष दिए जाने की संभावना भी है। इन नियुक्तियों के लिए भी कमलनाथ को सभी दिग्गज नेताओं के साथ बात करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।


भोपाल-इंदौर में भी इंतजार


भोपाल जिला संगठन को लेकर कुछ समय पहले तक ये आरोप लगते रहे कि जितने वार्ड हैं, उतने लोग भी किसी कार्यक्रम में नहीं जुट पाते हैं। भोपाल में जिला कांग्रेस की कमान के लिए कैलाश मिश्रा, मनोज शुक्ला के अलावा पूर्व महापौर सुनील सूद को जिम्मेदारी देने की संभावना है। इसको लेकर पीसीसी संगठन की तरफ से नेताओं में बातचीत कर समन्वय बैठाने का प्रयास किया जा रहा है।


कमोबेश यही आरोप इंदौर जिला संगठन को लेकर लगाया जाता रहा कि इकाई बिल्कुल निष्क्रिय है। ग्वालियर में रमेश अग्रवाल की कार्यकारी अध्यक्ष और सिवनी जिले में रिक्त अध्यक्ष पद पर असलम शेख की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। रायसेन जिले में मुमताज खान के स्थान पर कमान प्रभूराम चौरी को सौंपे जाने की अटकलें भी हैं।


ये जिले हो सकते हैं प्रभावित


कटनी जिले में फिरोज खान, सुरेश जैन और गुमान सिंह, छतरपुर जिले में लखन पटेल, भवानीदीन मिश्र व अरविंद गोस्वामी, दतिया जिले में मुरानी गुप्ता व नाहरसिंह, टीकमगढ़ में भैयन यादव व नवीन साहू, सीहोर जिले में कमलेश कटारे व ओम वर्मा के नाम जिला अध्यक्ष के लिए नाम चर्चा में है। डिंडौरी में विायक ओमकार सिंह मरकाम के स्थान पर भी दूसरे जिला अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है, क्योंकि वे चुनाव लड़ेंगे।