नई दिल्ली । अमेरिकी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट इंक ने जानकारी दी है कि अगले चार वर्षों में फ्लिपकार्ट का आईपीओ मार्केट में आ सकता है। आपको बता दें कि वॉलमार्ट ने हाल ही में फ्लिपकार्ट में 77 फीसद की हिस्सेदारी 16 बिलियन डॉलर (करीब 1.05 लाख करोड़ रुपए) में खरीदी है। इसे ई-कॉमर्स मार्केट की सबसे बड़ी डील माना जा रहा है जिसने वॉलमार्ट को भारत के उस ऑनलाइन मार्केट में एंट्री करने का मौका दे दिया है जिसके अगले दशक तक 200 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।


अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन में नियामकीय फाइलिंग में वॉलमार्ट ने बताया, “इस सौदे के लिए होने वाले 'रजिस्ट्रेशन राइट्स एग्रीमेंट' का सौदा पूरा होने के चार साल बाद वह फ्लिपकार्ट का आईपीओ ला सकती है। आईपीओ के लिए फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन उसके द्वारा किए गए मूल्यांकन से कम नहीं होगा। हालांकि इससे जुड़े सीधे सूत्र ने बताया कि जापान के सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट में अभी अपनी 20-22 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर निर्णय नहीं किया है। आईपीओ के आते ही शेयरधारकों के साथ समझौता समाप्त हो जाएगा फिर चाहे उसकी शुरुआत बोर्ड की ओर से की गई हो या फिर अल्पसंख्यक शेयरधारकों की ओर से।”


जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस डील के बाद कंपनी में बचे माइनॉरिटी स्टेकहोल्डर्स में को-फाउंडर बिनी बंसल, चीन की टेन्सेंट होल्डिंग्स, यूएस हेज फंड टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प शामिल हैं। इस डील को फिलहाल भारत के एंटी ट्रस्ट रेग्युलेटर से मंजूरी का इंतजार है और इसी साल मंजूरी मिलने का अनुमान है।