पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पद से हटने के करीब 9 महीने बाद मुंबई अटैक पर बड़ा बयान देकर हड़कप मचा दिया है। बता दें कि पाकिस्तान इस बात को नकारता रहा कि 2008 के मुंबई अटैक में उसकी कोई भूमिका है पर आज सच सबसे सामने आ गया है। 

पर इन सबके बीच एक सवाल यह उठ रहा है कि 2013 से लेकर 2014 तक नवाज शरीफ पाकिस्तान का प्रधानमंत्री रहे थे फिर उस समय उसने इस बात का खुलासा नहीं किया? उन्होंने अपने कार्यकाल में इसका ट्रायल क्यो नहीं पूरी करवाया।

एेसे हुआ था हमला 

26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी मुंबई के ताज होटल में घुस गए और चार दिनों तक वहां कब्जा जमाए रखा था। शहर के सात जगहों पर फायरिंग की थी। इस हमले में करीब 166 लोगों मारे गए थे, जबकि 300 लोग घायल हो गए थे। की रात गोलियां बरसने लगीं और देखते ही देखते लाशों के ढेर लग गए। समुद्री रास्ते से आए चरमपंथियों ने मुंबई के ताज होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस को निशाना बनाया।

चरमपंथियों ने अपने एके-47 राइफलों से अंधाधुंध गोलीबारी की, हथगोले फेंके और आग लगाई। लगातार 60 घंटे चले इन हमलों को पूरी दुनिया ने टेलीविजन पर देखा। हादसे में कई पुलिस अधिकारी मारे गए और सिर्फ एक हमलावर पकड़ा जा सका। मोहम्मद अजमल कसाब नाम के इस चरमपंथी पर चले मुकदमे के बाद उसे मौत की सजा मिली थी।

भारत पहले ही लगा चुका था पाकिस्तान पर आरोप

भारत ने हमले के दिन ही पाकिस्तान पर आरोप लगा दिया और इसके लिए सबूत भी जुटाने लगा, बाद में हालांकि इस बात की पुष्टि हो गई कि पकड़ा गया इकलौता आतंकवादी कसाब पाकिस्तान का नागरिक था। भारत ने जल्द ही अपनी तरफ से सबूत जुटा लिए और पाकिस्तान के हवाले कर दिए।

उसका दावा है कि लश्कर ए तैयबा ने इस हमले की साजिश रची और उसे पाकिस्तान के खुफिया विभाग आईएसआई का पूरा साथ मिला, हालांकि पाकिस्तान सरकार इस बात से इनकार करती आई है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने इस मामले की जांच का फैसला किया लेकिन आज तक अदालती रस्में पूरी नहीं हो पाई हैं।

कसाब के सुरक्षा के लिए खर्च हुए थे करोड़ो रुपए

कसाब का जन्म पाकिस्तान के पंजाब में फरीदकोट में हुआ था। कसाब को आतंकी ट्रेनिंग लश्कर ने दी। उसे पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भारत पर हमले के लिए आतंकी ट्रेनिंग दी गई।  मुंबई आतंकी हमले में पाकिस्तान पूरी तरह से बैकफुट पर रहा। इस मामले में पाकिस्तान का नकाब उतरता गया। इससे पहले वह हमेशा कहता था कि हिन्दुस्तान बिना कोई सबूत के आतंकी हमले का आरोप लगाता है। 4 नवंबर को कसाब की मेडिकल जांच की गई।

21 नवंबर को 7:30 बजे कसाब को फांसी पर लटका दिया गया।कसाब की सुरक्षा पर करोड़ों रुपए खर्च हुए। कसाब जब-तक जिंदा रहा तब-तक हाई-प्रोफाइल कैदी बनी रहा। उसकी सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील थीं। खबरों के अनुसार, अब-तक उसकी सुरक्षा पर 40 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सरकार को इस बात के लिए भी बेहद आलोचना झेलनी पड़ी।


कसाब की तस्वीर हुई थी वायरल

पूरी दुनिया ने यह तस्वीर देखी थी कि कसाब किस तरीके से मुंबई के ताज होटेल में लोगों पर गोलियां बरसा रहा था। इसके बावजूद कसाब को कानूनी रूप से दलील रखने का मौका दिया गया। कसाब को फांसी तक ले जाने में पूरी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। देश के मुस्लिम संगठनों ने कसाब को फांसी पर लटकाने का समर्थन किया। मुल्क में कसाब को लेकर एक अवाज थी कि उसे फांसी दी जाए।