गुरुग्राम. फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड ने हीरो एंटरप्राइज इन्वेस्टमेंट ऑफिस और बर्मन फैमिली ऑफिस (डाबर) के प्रस्ताव को चुन लिया है। इस प्रपोजल को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी है। कंपनी की बोर्ड बैठक में ये तय किया गया। गुरुवार देर रात बीएसई फाइलिंग में इसकी जानकारी दी गई है। लंबे समय से फोर्टिस हेल्थकेयर को बेचने की कोशिशें चल रही थीं। इस दौरान कई निवेशकों ने बोली लगाई लेकिन फोर्टिस हेल्थकेयर को हीरो और बर्मन फैमिली का संशोधित प्रस्ताव पसंद आया। बैठकों के लंबे दौर और एक्सपर्ट एडवाइजरी कमेटी से चर्चा के बाद इस प्रस्ताव पर कंपनी बोर्ड ने अपनी सिफारिश दी है।


फोर्टिस की बोर्ड मीटिंग में क्या हुआ?

फोर्टिस के डायरेक्टर ब्रायन टेम्पेस्ट ने बताया कि फैसले पर सभी एक राय नहीं थे। 8 सदस्यीय बोर्ड के 5 मेंबर मुंजाल-बर्मन फैमिली के ऑफर से सहमत थे। जबकि तीन मेंबर किसी दूसरी पार्टी के सपोर्ट में थे। फैसला लेते वक्त कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए नकदी की उपलब्धता को ध्यान में रखा गया।


क्या है हीरो-डाबर का प्रपोजल ?


- हीरो एंटरप्राइज के सुनील कांत मुंजाल और डाबर ग्रुप के बर्मन परिवार ने रकम बढ़ाकर संशोधित प्रस्ताव दिया है। इसके मुताबिक फोर्टिस हेल्थकेयर में 1800 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।


- 800 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी शेयर अलॉटमेंट के जरिए किया जाएगा। इसके लिए शेयर प्राइस 167 रुपए या फिर सेबी की आईसीडीआर गाइडलाइंस के मुताबिक जो भी ज्यादा होगा वही रहेगा। इसके बाद प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू के जरिए 1000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसके लिए भाव 176 रुपए प्रति शेयर या फिर सेबी की आईसीडीआर गाइडलाइंस के मुताबिक होगा।


- इससे पहले दोनों की ओर से 1,500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया था। बाद में एक मई को बोली बढ़ाते हुए फोर्टिस को नया प्रस्ताव भेजा।


मुंजाल-बर्मन को प्राथमिकता की दो वजह

- फोर्टिस के डायरेक्टर ब्रायन टेम्पेस्ट के मुताबिक नकदी की उपलब्धता और निश्चितता हीरो-डाबर के प्रस्ताव को चुनने की प्रमुख वजह है।


- हेल्थकेयर सेक्टर में दोनों का पहले से निवेश है।


30 दिन में साफ हो जाएगी स्थिति


- फोर्टिस के डायरेक्टर ने कहा है कि 30 दिन के अंदर शेयरधारकों की बैठक होगी और हमें भरोसा है कि वो फैसले का समर्थन करेंगे।


कौन हैं सुनील कांत मुंजाल?


- हीरो एंटरप्राइजेज के चेरयमैन


हेल्थकेयर में मुंजाल का अनुभव

- दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लुधियाना के अध्यक्ष 

- लाइफ एंड हेल्थ इंश्योरेंस में भी कारोबार


कौन हैं डॉ. आनंद बर्मन?

- डाबर इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन

- यूके में डाबर फार्मा की सब्सिडियरी डाबर ओन्कोलॉजी के एमडी

- फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में डॉक्टरेट


हेल्थकेयर में बर्मन का अनुभव

-बर्मन परि‍वार पहले से ही हेल्‍थेकयर इंडस्ट्री में है। इसमें डाबर फार्मा, हेल्‍थकेयर एट होम और ऑनक्‍वेस्‍ट शामि‍ल हैं।


निवेशकों को भी पसंद आएगा प्रस्ताव: मुंजाल


इस फैसले पर सुनीत कांत मुंजाल ने कहा है कि, हमें इस बात की खुशी है कि फोर्टिस बोर्ड ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इसमें कोई शक नहीं कि हमारा ऑफर सबसे बेहतर है। 

हमें भरोसा है कि फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरधारकों को भी प्रस्ताव पसंद आएगा। लंबी अवधि के निवेशक के तौर पर हम फोर्टिस को बेहतर हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन बनाने और शेयरधारकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं।


- आनंद बर्मन का कहना है कि, देशभर में फोर्टिस का अच्छा नेटवर्क है। उम्मीद है कि इसे अपना वास्तविक हक मिलेगा।


कौन-कौन थे रेस में शामिल ?


- रेडिएंट लाइफ केयर


- आईएचएच हेल्थकेयर


- मनिपाल टीजीपी कंसोर्टियम


- मुंजाल-बर्मन फैमिली ऑफिस


मुंजाल-बर्मन ने दो बार बोली बढ़ाई

- सबसे पहले 156 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 1,250 करोड़ रुपए का ऑफर दिया। 

- बाद में बोली बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपए की।

-1800 रुपए के सीधे निवेश के प्रस्ताव को फोर्टिस बोर्ड ने स्वीकार किया।


मनिपाल टीजीपी ने तीन बार बढ़ाई बोली


- इस कंसोर्टियम ने फोर्टिस के लिए सबसे पहले बोली लगाई थी। 27 मार्च को इसने 5,003 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। 

- 10 अप्रैल को संशोधित प्रस्ताव में 6,061 करोड़ रुपए की पेशकश की। 

- 24 अप्रैल को फिर से बोली बढ़ाई और 6,322 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया।

- 6 मई को ऑफर की रकम बढ़ाकर 8,358 करोड़ रुपए कर दी।


आईएचएच ने नहीं मानी है हार

- फोर्टिस को खरीदने की रेस में पिछड़ चुकी आईएचएच निराश जरूर है लेकिन हार नहीं मानी है। कंपनी का कहना है कि वह विकल्प तलाश रही है और फोर्टिस के शेयरधारकों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के एमडी और सीईओ टेन सी लेंग का कहना है कि उनकी बोली सबसे ज्यादा थी। साथ ही तुरंत नकदी की उपलब्धता और लंबी अवधि की रणनीति का भरोसा भी दिया गया था। हमारे पास ग्लोबल हेल्थकेयर का सालों का अनुभव है।


- फोसन हेल्थ होल्डिंग्स ने 156 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 2,295 करोड़ रुपए का नॉन बाइंडिंग ऑफर दिया लेकिन बोली नहीं बढ़ाई।


17 साल पुराना है फोर्टिस हेल्थकेयर


- देश के हेल्थकेयर सेक्टर में फोर्टिस एक बड़ा नाम है। 2001 में मोहाली में इसने पहला अस्पताल शुरु किया। इसके बाद तेजी से विस्तार किया। 

- फिलहाल 10,000 बेड की क्षमता और 314 डायग्नोस्टिक सेंटर्स के साथ फोर्टिस 45 जगहों पर अपनी सुविधा दे रहा है। भारत के साथ ही दुबई, मॉरिशस और श्रीलंका में भी इसका नेटवर्क है।


फोर्टिस का आंतरिक विवाद


- इस साल के शुरुआत में फोर्टिस के प्रमोटर मलविन्दर सिंह और शिवेंदर सिंह पर आरोप लगा कि उन्होंने 500 करोड़ रुपए कंपनी बोर्ड के अप्रूवल के बिना निकाल लिए। इन आरोपों के बाद दोनों को कंपनी से इस्तीफा देना पड़ा।


एसआरएल बोर्ड में बने हुए हैं मलविंदर और शिवेंदर


फोर्टिस की डायग्नोस्टिक चेन एसआरएल के बोर्ड में दोनों अभी भी बने हुए हैं। इस पर फोर्टिस के डायरेक्टर का कहना है कि उन्हें बाहर हो जाना चाहिए।