शिवपुरी  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला अदालत ने अनाथ आश्रम की संचालिका और उसके 79 वर्षीय पिता को छह लड़कियों से यौन शोषण के मामले में दोषी करार कर दिया है. अदालत ने बाप-बेटी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

मामला शिवपुरी जिले के पटेल नगर स्थित अनाथ आश्रम का है. नवंबर 2016 में छह लड़कियों ने आश्रम संचालिका शैला अग्रवाल और उसके पिता केएन अग्रवाल पर यौन शोषण और रेप का आरोप लगाया था. इस मामले में शैला अग्रवाल और उसके पिता के अलावा दो अन्य को आरोपी बनाया गया था.

विशेष न्यायधीश अरुण वर्मा की अदालत ने सोमवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए शैला अग्रवाल और केएन अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. फैसला सुनते ही कटघरे में खड़ी शैला अग्रवाल फूट-फूटकर रो पड़ी, जबकि उसका पिता सिर पकड़कर बैठ गया.

क्या है पूरा मामला

शिवपुरी जिले के इस आश्रम में लड़कियों के साथ यौन शोषण का खुलासा 17 नवंबर 2016 को हुआ था. चाइल्ड वर्किंग कमेटी के कुछ सदस्य आश्रम पहुंचे थे, जहां छह लड़कियों ने साहस दिखाते हुए अपने साथ हो रहे यौन शोषण का खुलासा किया था.

चाइल्ड वर्किंग कमेटी के सदस्य ने इस मामले में तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव को चिट्ठी लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जांच का जिम्मा सौपा था.

जांच के लिए विभाग की टीम पहुंची तो लड़कियों ने खुलासा किया कि के एन अग्रवाल ने उनके साथ न सिर्फ छेड़छाड़ बल्कि रेप भी किया था. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पीड़िताओं की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें रेप की पुष्टि हो गई थी. पुलिस ने उस समय संचालिका और उसके पिता दोनों को गिरफ्तार कर लिया था.

कोर्ट ने माना कि आश्रम में रह रही 12 से 16 साल तक की 6 नाबालिग लड़कियों के साथ रेप होता था. उन्हें नींद की गोलियां देते थे, मारपीट करके रेप भी किया जाता था.