नई दिल्‍ली. LIC इंश्‍योरेंस के अलावा अपनी एक सहायक कंपनी LIC म्‍युचुअल फंड भी चलाती है। इसकी कई याेजनाओं ने बहुत ही अच्‍छा रिटर्न दिया है। अप्रैल में ज्‍यादातर लोग टैक्‍स सेविंग के लिए निवेश की योजना बनाते हैं, ऐसे लोगाें के लिए LIC म्‍युचुअल फंड की टैक्‍स सेविंग योजना काफी अच्‍छी हो सकती है। इस योजना ने एक साल में 19.6 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस स्‍कीम ने 5 साल में औसतन 18 फीसदी रिटर्न दिया है, ऐसे में अगर किसी ने 4 साल पहले निवेश किया होगा तो उसका पैसा डबल हो चुका है।

LIC म्‍युचुअल फंड की इनकम टैक्‍स बचाने वाली योजना LIC टैक्‍स प्‍लान है। इसमें लोग डायरेक्‍ट प्‍लान के तहत भी निवेश कर सकते हैं और रेग्‍युलर प्‍लान में भी निवेश कर सकते हैं। डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश करने वालों को एजेंट का कमीशन नहीं देना पड़ता है। इसके चलते उनका रिटर्न बढ़ जाता है। दोनों योजनओं के रिटर्न को देख कर इसे समझा जा सकता है डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश करने वालों को करीब 1 फीसदी तक ज्‍यादा रिटर्न मिला है। यह एक फीसदी का अतंर लम्‍बे समय में वैल्‍थ क्रियेट करने में काफी अंतर ला देता है। च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार डायरेक्‍ट प्‍लान उन निवेशकों के लिए अच्‍छे हैं, जिनको म्‍युचुअल फंड की अच्‍छी समझ हो। हालांकि अगर म्‍युचुअल फंड की ज्‍यादा समझ न हो तो निवेशकों को किसी वित्‍तीय जानकार की देखरेख में ही निवेश करना चाहिए।

इस स्‍कीम की शुरुआत एक जनवरी 1997 को हुई थी। यह एक ओपेन एंडेड स्‍कीम है, जिसमें कभी भी निवेश किया जा सकता है। इसमें ग्रोथ प्‍लान और डिविडेंड प्‍लान को लिया जा सकता है। 31 मार्च 2018 को इस योजना का आसेट साइज 147.63 करोड़ रुपए था। निवेशक यहां पर न्‍यूनतम 500 रुपए का निवेश कर सकते हैं।

स्‍कीम के टॉप 5 निवेश

इस स्‍कीम के टॉप 5 निवेश में दो बैंकिंग सेक्‍टर में हैं। इस स्‍कीम का AMU का 5.09 फीसदी हिस्‍सा HDFC Bank में निवेशित है। इसके बाद ICICI Bank    में 4.75 पैसा लगाया गया है। Maruti Suzuki    में 4.03 फीसदी, TCS    में 3.87 फीसदी और Ashok Leyland    में 3.43 फीसदी निवेश है।

मिलता है डबल फायदा

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार LIC टैक्‍स प्‍लान में निवेश का डबल फायदा है। यह स्‍कीम एक तो टैक्‍स सेविंग का मौका देती है, वहीं इक्विटी इन्‍वेस्‍टमेंट का मौका भी देती है। इस फंड में एकत्र पैसे का ज्‍यादातर हिस्‍सा इक्विटी में निवेश किया जाता है। लोगों का पैसा यहां पर केवल तीन साल के लिए ही लॉकइन रहता है। इसके बाद यह पैसा निकाला जा सकता है। देश में जितने भी इनकम टैक्‍स बचाने के विकल्‍प हैं उनमें टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में लॉकइन पीरियड सबसे कम है। बाकी में 5 साल से लेकर 15 साल तक का लॉकइन होता है।