देश भर में दलित अत्याचारों और प्रताड़ना को लेकर हंगामे के बीच एक दलित परिवार का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. गांव के दबंगों के कहर के चलते इस परिवार के बुजुर्ग व्यक्ति को अंतिम संस्कार के लिए कहीं जगह नहीं मिली. प्रशासनिक मौजूदगी में तालाब किनारे अंतिम संस्कार कराया गया.


मामला मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रायपुर पंचायत का है. पंचायत के गुमानी पुरा गांव में रहने वाले जाटव परिवार के बुजुर्ग सदस्य छोटेलाल जाटव की बीमारी से मौत हो गई. शुक्रवार शाम दलित परिवार को छोटेलाल जावट के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान में जगह नहीं मिली. छोटेलाल के अंतिम संस्कार के लिए परिवार दर-दर भटक रहा था.


बताया जा रहा है कि गुमानी पुरा गांव में सरकारी जमीन पर स्थित श्मशान पर दबंगों का कब्जा है. गांव में रहने वाले कई दलित दबंगों के डर से श्मशान नहीं जाते है. अगर किसी दलित के घर में किसी की मृत्यु हो जाए तो यह खुद की जमीन पर अंतिम संस्कार कर देते है.


कई जगह भटकने के बाद भूमि विहीन जाटव परिवार अपने घर के पास मृतक छोटेलाल जाटव का अंतिम संस्कार करने जा रहा था. इस मामले में जब अधिकारी और पुलिस को जानकारी मिली तो पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस और प्रशासन ने जल्दी जल्दी में मृतक छोटेलाल जाटव का गांव में स्थित तालाब के पास अंतिम संस्कार करा दिया.