पाकिस्तान की कराची जेल में पिछले पांच साल से बंद भारतीय नागरिक जितेंद्र अर्जुनवार वाघा बॉर्डर से भारत पहुंच चुका है. जितेन्द्र अर्जुनवार की रिहाई होने की खबर मिलने के बाद परिवार में खुशी की लहर है. जितेंद्र को ब्लड कैंसर और टीबी की बीमारी है. पिछले डेढ़ साल से उनका टीबी का भी इलाज चल रहा था.

पाकिस्तान से जितेन्द्र ने जैसे ही अमृतसर की वाघा बार्डर से प्रवेश किया. वहां उसे बीएसएफ के हवाले किया गया. इसके बाद डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के हवाले करने के बाद जितेन्द्र को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. जितेंद्र की जांच की जा रही है. बीमार होने की स्थिति में जितेन्द्र का इलाज कराया जाएगा. जानकारी मिली है कि पूरा इलाज और स्वस्थ्य होने के बाद ही जितेन्द्र को अमृतसर से बरघाट तक लाने की कार्रवाई की जाएगी.

बता दे कि सिवनी जिले के बरघाट का रहने वाला जितेंद्र को पाकिस्तान की जेल में पिछले 5 साल से कैद कर रखा था. उसे बीमारी के कारण जेल से निकाल कर रिहैब सेंटर में रखा गया था. जितेंद्र अर्जुनवार को भारत-पाकिस्तान सीमा पर पकड़ा गया था. 12 अगस्त 2013 को पाकिस्तान के खोखरापार में जितेंद्र को पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया था.

एएसपी गोपाल खांडेल ने बताया है कि पाकिस्तान से रिहाई होने के बाद स्वदेश आ रहे जितेन्द्र को बरघाट तक लाने में समय लग सकता है. एएसआई सराठे और भरत गुरुवार रात को बाघा बार्डर (अमृतसर ) पहुंचे. यहां जितेन्द्र का स्वास्थ्य ठीक रहा तो ये उसे लेकर जल्द ही बरघाट के लिए रवाना हो जाएंगे. यदि स्वास्थ्य खराब रहा तो पूरा इलाज और स्वस्थ्य होने के बाद ही जितेन्द्र को अमृतसर से बरघाट तक लाने की कार्रवाई की जाएगी.