देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से कराए गए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन्स के नतीजे सोमवार शाम जारी हो गए. इस परीक्षा में  मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के 46 छात्रों ने IITJEE की परीक्षा में मारी बाजी है. चयनित छात्रों में दो बैगा आदिवासी छात्र भी शामिल हैं. बैगा प्रदेश की बेहद पिछड़ी जातियों में से एक है.


पिछले 4 साल में मंडला जिले के 200 से अधिक छात्रों का चयन हुआ है. पिछले साल भी मंडला जिले से 63 छात्रों का जेईई मेंस की परीक्षा में चयन हुआ था. इस बार भी प्रदेश में मंडला जिले के सबसे अधिक छात्रों ने आईईटी जेईई में बाजी मारी है.


दरअसल, यहां प्रोजेक्ट 100 कलाम के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को आदिवासी विकास विभाग द्वारा विशेष सुविधा दी जाती है. इस इलाके में प्रोजेक्ट '100 कलाम' के तहत गरीब छात्रों को फ्री में फॉर्म और कोचिंग दी जाती है.


घट रही बैगा समाज की आबादी


जिस इलाके में ये बच्चे रहते हैं, वहां बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर नहीं कही जा सकतीं है. घरों की माली हालत ऐसी कि सुबह का खाना बन गया तो शाम का जरूरी नहीं. इन हालात में भी ये लोग अपने कठिन परिश्रम से जेईई की परीक्षा पास करते हैं.


सीबीएसई के मुताबिक, इस परीक्षा में कुल 2,31,024 छात्र पास हुए हैं, जिनमें 1,80,331 लड़के और 50,693 लड़कियां हैं. पास होने वाले छात्रों में सामान्य श्रेणी के 1,11, 275 कैंडिडेट हैं और इनका कटऑफ 74 गया. वहीं ओबीसी-एनसीएल श्रेणी के 65,313 छात्र पास हुए, जिनका कटऑफ 45 और अनुसूचित जाति वर्ग के 34,425 छात्रों के लिए कटऑफ 29, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग के 17,256 छात्रों के लिए कटऑफ 24 निर्धारित किया गया है.

इसके अलावा JEE मेन्स में दिव्यांग श्रेणी के 2755 छात्र भी पास हुए हैं. सीबीएसई ने 8 अप्रैल को JEE मेन्स ऑफलाइन और JEE मेन्स ऑनलाइन परीक्षा 15 और 16 अप्रैल को का आयोजन किया था. JEE मेन्स में पास होने वाले इन छात्रों अब 20 मई को होने वाली JEE एडवांस परीक्षा में बैठना होगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस दो मई से शुरू हो रही है.