कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज से 'संविधान बचाओ' अभियान की शुरुआत करेंगे. जिसका मकसद संविधान और दलितों पर कथित हमलों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले दलित समुदाय के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के प्रयास के तहत कांग्रेस का यह अभियान काफी अहम माना जा रहा है.


इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत आज राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से होगी. इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सुशील कुमार शिंदे भी शामिल हो सकते हैं.


दलित समुदाय के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा


तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित हो रहे इस अभियान में शामिल होने देशभर से दलित प्रतिनिधि पहुंचेंगे. इनमें कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व सांसद, जिला परिषद, नगरपालिका और पंचायत समितियों में पार्टी के दलित समुदायों के प्रतिनिधि और पार्टी की स्थानीय इकाइयों के पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे.


एक साल तक जारी रहेगा अभियान


यह अभियान अगले साल संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) तक जारी रहेगा. अभियान के संबंध में कांग्रेस के एक नेता ने कहा, 'बीजेपी सरकार में संविधान खतरे में है. दलित समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में अवसर नहीं मिल रहे हैं. इस अभियान का मकसद इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है.'


वहीं, कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख विपिन राउत ने एक बयान में दावा किया कि आरएसएस समर्थित बीजेपी जब से केंद्र की सत्ता में आई है, किसी न किसी तरीके से देश के संविधान पर हमले होते रहे हैं.


उन्होंने कहा कि इससे समाज के वंचित तबकों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस अनुसूचित जातियों और जनजातियों समेत समाज के दूसरे कमजोर तबकों को मिली सामाजिक सुरक्षा को भंग करना चाहती है.