नई दिल्ली पाकिस्तानी क्रिकेटर हसन अली ने शनिवार शाम वाघा बॉर्डर पहुंचकर अपनी हरकत से सभी को चौंका दिया. रोजाना की तरह वहां चल रहे झंडा उतारने के रंगारंग समारोह के दौरान हसन अली ने पाकिस्तानी हिस्से से बीएसएफ के जवानों और भारतीय दर्शकों की ओर इशारे किए.


दरअसल, विकेट लेने के बाद हसन का मैदान पर जश्न मनाने का तरीका सुर्खियों में रहता है और वह वाघा बॉर्डर पर भी अपना ट्रेडमार्क स्टाइल दिखाने से नहीं चूके. पाकिस्तानी क्रिकेट टीम अपने ट्रेनिंग कैंप के अंतिम चरण में वाघा बॉर्डर पहुंची थी.

पाकिस्तान की ओर से समारोह में घुस आए इस 'सिविलियन' पर बीएसएफ ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. प्रोटोकॉल के मुताबिक समारोह में बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स ही शामिल हो सकते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटोकॉल उल्लंघन पर बीएसएफ अपनी शिकायत दर्ज कराएगी.

बीएसएफ के प्रवक्ता और डीआईजी आर एस कटारिया ने कहा, 'मैं छुट्टी पर हूं. मैंने इस मामले की पूछताछ की है. अटारी के एक बीएसएफ अधिकारी ने मुझे बताया है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम वाघा में समारोह देखने आई थी. उनकी टीम के क्रिकेटरों में से एक ने ड्रिल के दौरान उकसाने वाला इशारा करना शुरू कर दिया. बाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने उस खिलाड़ी को बैठा दिया. चूंकि यह दो देशों की फोर्स का ड्रिल है, इसलिए बीएसएफ पाकिस्तान रेंजर्स से विरोध दर्ज कराएगी.'

ये वही हसन अली हैं, जो पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को हरा दिया था. उस फाइनल में हसन अली ने तीन विकेट निकाले थे.


24 साल के हसन अली ने पाकिस्तान की ओर से 2 टेस्ट में 6 विकेट और 30 वनडे में 62 विकेट झटके हैं. इसके अलावा उन्होंने 16 टी-20 इंटरनेशनल में 21 विकेट हासिल किए हैं.