नई दिल्ली। देशभर में कैश की समस्या से जूझ रहे एटीएम की वजह से लोगों का काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया बुधवार को मुंबई के को-ऑपरेटिव बैंक पर एक हजार रुपए से अधिक नहीं निकाले जाने की पाबंदी लगा दी है। को-ऑपरेटिव बैंक में जिस भी उपभोक्ता का खाता है वह वहां से 1000 रुपए से अधिक नहीं निकाल सकता है। आरबीआई का यह फैसला अगले छह महीनों तक लागू रहेगा। 

एनपीए की समस्या दरअसल जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में बैंक का लगातार एनपीए बढ़ा और बैंक उपभोक्ताओं का लोन वापस करने में विफल साबित हुआ है, उसके बादआरबीआई ने यह फैसला लिया है। इस खबर के सामने आने के बाद गिरगांव ब्रांच के सामने लोग प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने इस बात की चिंता जाहिर की है क्या बैंक में उनके पैसे सुरक्षित हैं। इस फैसले के सामने आने के बाद देर रात लोग बैंक पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। मुंबई में को-ऑपरेटिव बैंक की कुल 10 शाखाएं हैं। जिसमे कुल 91000 ग्राहकों का खाता है।   

पिछले साल ही आरबीआई ने लगाई पाबंदी आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने यह फैसला पिछले वर्ष दिसंबर माह में ही तमाम बैंकों को सुना दिया था, लेकिन बैंकों ने इसकी जानकारी अपने ग्राहकों को नहीं दी। जिसकी वजह से ग्राहकों में काफी नाराजगी है और वह लोग बैंक के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बैंक ने जानबूझकर उन्हे अंधेरे में रखा। अगर बैंक ने उन्हें पहले ही बता दिया होता तो वह अपना पैसा बैंक से निकाल लेते। 

क्या कहना है बैंक मालिक का इस बैंक के मालिक का नाम विथोबा अदसुल है। जब उनसे आरबीआई के इस निर्देश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बैंक पिछले 75 साल से चल रहा है, लोगों का बैंक पर भरोसा है और हम उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है। लेकिन इससे इतर बैंक के ग्राहक इस बात से काफी नाराज है कि आखिर क्यों उन्हें आरबीआई के आदेश की जानकारी पहले नहीं दी गई। अगर ऐसा किया जाता तो हम अपना पैसा पहले ही बैंक से निकाल लेते।