नई दिल्ली , भारत में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा जासूसी का बड़ा नेटवर्क बनाने का पर्दाफाश हुआ है. हाल ही में हरियाणा के रोहतक से गौरव शर्मा नाम के व्यक्ति को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम तब हैरान रह गई, जब गौरव शर्मा को हनीट्रैप में फंसाने वाली महिला ISI एजेंट का फेसबुक अकाउंट खंगाला गया.


सीआईडी की रोहतक शाखा के मुताबिक, अमिता अहलूवालिया नाम की इस महिला ISI एजेंट के फेसबुक अकाउंट से 4 दर्जन सैन्य अधिकारी जुड़े मिले. इनमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के अलावा कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.


महिला आईएसआई एजेंट के फेसबुक अकाउंट से जुड़ने वाले अधिकारियों में लेफ्टिनेंट जनरल, कर्नल रैंक के तीन अधिकारी, मेजर रैंक के तीन अधिकारी, कैप्टन, कमांडर, सार्जेंट, NDA प्रशिक्षु और जम्मू एवं कश्मीर में नियुक्त एक जेल सुपरिंटेंडेंट तक शामिल हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी भी इस महिला की फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में शामिल हैं.


महिला आईएसआई एजेंट की फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में शामिल ये अधिकारी हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अगरतला के रहने वाले हैं. हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि इस महिला आईएसआई एजेंट ने किसी अन्य सैन्य अधिकारी को हनीट्रैप के जाल में फंसाया है या नहीं.


PAK के लिए जासूसी करने वाला गिरफ्तार


इससे पहले IB से मिली जानकारी के आधार पर रोहतक पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गौरव शर्मा नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो सोनीपत के गन्नौर का रहने वाला है.


पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गौरव सेना से रिटायर्ड हवलदार का बेटा है और पिछले 4 साल से ISI को भारतीय सेना से जुड़ी गुप्त और संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था. आरोपी गौरव ने पूछताछ के दौरान पुलिस से खुलासा किया कि वह अब तक 18 बार आर्मी में हुई रिक्रूटमेंट से जुड़ी जानकारियां भेज चुका है. पुलिस ने बताया कि गौरव ने अब तक आईएसआई को जो जानकारियां भेजी हैं, वे रोहतक और हिसार की सेना छावनियों में हुई थीं.


महिला ISI एजेंट से करता था वीडियो कॉल


गौरव ने बताया कि वह PAK महिला से सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल किया करता था और वीडियो कॉल के जरिए ही उसने भारतीय सेना से जुड़ी जानकारियां भी भेजीं. पुलिस ने बताया कि आरोपी गौरव करीब 4 साल पहले सोशल मीडिया पर एक महिला के संपर्क में आया.


महिला ने गौरव से दोस्ती गांठने के बाद वीडियो कॉलिंग शुरू कर दी और उसे हनीट्रैप में फंसा लिया. इसके बाद गौरव चार साल से लगातार पाकिस्तानी महिला को सेना में होने वाली भर्तियों की जानकारी भेजता रहता था.


सेना भर्ती में 4 बार रहा असफल


गौरव शर्मा पिछले तीन महीने से रोहतक की एक एकेडमी के हॉस्टल में रह रहा था, जो युवकों को सेना में भर्ती करने की कोचिंग देती है. उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले चार सालों के दौरान कई भर्तियों की परीक्षा में शामिल हो चुका है, लेकिन फिजिकल टेस्ट में फेल हो जाने के कारण सेना में भर्ती नहीं हो पाया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गौरव शर्मा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी भी पूछताछ कर सकते हैं.