फिल्म का नाम: बियॉन्ड द क्लाउड्स


डायरेक्टर: माजिद मजीदी


स्टार कास्ट: ईशान खट्टर, मालविका मोहनन


अवधि: 2 घंटा 02 मिनट


सर्टिफिकेट: U/A


रेटिंग: 2.5 स्टार


ईरान के फिल्ममेकर माजिद मजीदी ने अपनी फिल्मों के माध्यम से बहुत से लोगों का दिल जीता है. उन्होंने फ़ादर, चिल्ड्रन ऑफ हैवन, बारन, मुहम्मद जैसी कई सारी फिल्में विश्व भर के दर्शकों तक पहुंचाई है. इन्हें काफी सराहा भी गया है. भारत की पृष्ठभूमि पर मजीदी ने अब एक फिल्म बनाई है, जिसका नाम है बियॉन्ड द क्लाउड्स. इस फिल्म के माध्यम से जहां एक तरफ अभिनेता शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर हिंदी फिल्मों में एंट्री कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साउथ की अभिनेत्री मालविका मोहनन ने भी बॉलीवुड में इस फिल्म के साथ कदम रखा है. कई सारे फिल्म फेस्टिवल से होती हुई अब यह फिल्म भारत में 20 अप्रैल को रिलीज होगी. जानते हैं, कैसी बनी है यह फिल्म और इसे क्यों देखना चाहिए.


कहानी:


फिल्म की कहानी मुंबई के चाल में रहने वाले आमिर (ईशान खट्टर) से शुरू होती है, जो एक जगह से दूसरी जगह ड्रग्स पहुंचाने का धंधा करता है. आमिर के माता-पिता का बचपन में ही देहांत हो जाता है, जिसकी वजह से तारा (मालविका मोहनन) उसे अपने घर ले आती है और छोटे भाई की तरह पालती है. हालांकि तारा के द्वारा आमिर को घर लाना उसके पति को बिल्कुल भी पसंद नहीं आता. कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब एक दिन तारा को पता चलता है कि आमिर ड्रग्स का धंधा करता है.


किन्ही कारणों से तारा जहां काम करती है वहां किसी को वो घायल कर देती है. इस वजह से उसे जेल में भी जाना पड़ता है. अब एक तरफ आमिर की जिंदगी में तारा को बचाने की जिम्मेदारी आती है तो वहीं दूसरी तरफ हॉस्पिटल में भर्ती इंसान की गवाही तारा को छुड़ा सकती है. अंततः क्या होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

क्यों देखें फिल्म:


माजिद मजीदी की एक खासियत है कि वह हमेशा से ही अहम मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. इस बार उन्होंने मुंबई की चाल में रहने वाले एक लड़के के इर्द-गिर्द घटने वाली घटनाओं को दर्शाने का प्रयास किया है.


वैसे तो माजिद को हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने इस कहानी के माध्यम से अपनी बात कहने की कोशिश की है वह काबिले तारीफ है. उन्होंने मुंबई को एक अलग तरह से दर्शाने की कोशिश की है.


सिनेमेटोग्राफी- लोकेशन कमाल का है.


अभिनेत्री मालविका मोहनन का काम जबरदस्त है और कुछ ऐसे सीन भी आते हैं जहां वह अभिनय के माध्यम से काफी प्रभावित करती हैं. वहीं ईशान खट्टर ने बाकी सब कलाकारों जैसे प्रशांत कुमार इत्यादि के साथ सहज अभिनय किया है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर बढ़िया है.


कमजोर कड़ियां:


इस फिल्म में आपको बॉलीवुड का तड़का या मसाला नहीं मिलेगा. साथ ही कोई भी ऐसा गाना नहीं है जो रिलीज से पहले हिट हुआ हो.


कहानी में भी दम नहीं है. फिल्म का क्लाइमेक्स भी शायद काफी लोगों को पसंद ना आए.

बॉक्स ऑफिस:


फिल्म का बजट लगभग 18 करोड़ बताया जा रहा है, जिसमें से सैटेलाइट्स और बाकी चीजों को मिलाकर लगभग 10 करोड़ रुपये पहले से ही आ चुके हैं. देखना बहुत दिलचस्प होगा कि इस वीकेंड वर्ड ऑफ माउथ के साथ यह फिल्म कितनी कमाई कर पाती है. क्योंकि यह एक ऐसी फिल्म है जिसकी एक खास तरह की ऑडियंस है.