मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भारत बंद के दौरान हुई हिंसा और रेलवे स्टेशन के पास छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन रोकने के मामले में जीआरपी पुलिस ने 11 नामजद और एक हजार के करीब अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है. मामले में खास बात ये है कि हिंसा का मुख्य आरोपी निर्दलीय पार्षद गब्बर सखबार को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार नहीं किया है.


दरअसल, दो अप्रैल को हुई हिंसक घटनाओं के पीछे मुरैना नगर निगम के वार्ड क्रमांक 20 के निर्दलीय पार्षद गब्बर सखबार का नाम सामने आया था. इस मामले में जांच करते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त चम्बल संभाग ने गब्बर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था. एफआईआर दर्ज होने के बाद भी यह आरोपी खुले आम घूम रहा है.


बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव बीपी सिंह और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ल जब मुरैना आए थे तब यह आरोपी पार्षद आमजन, राजनेताओं के साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करने पहुंच गया था. आंबेडकर जयंती पर पार्षद गब्बर ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था साथ ही नारेबाजी भी की थी. पुलिस ने उस समय कोई गिरफ्तारी नहीं की. इस मामले में जब पुलिस से पूछा गया तो उन्होंने जल्द गिरफ्तारी करने की बात कही है.