मुजफ्फरपुर। भारतीय पुलिस सेवा के 2007 बैच के अधिकारी और मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विवेक कुमार के तीन ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने छापेमारी कर करोड़ों की काली कमाई का पर्दाफाश किया। छापेमारी के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित उनके सरकारी आवास से छह लाख नकद, साढ़े पांच लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और करीब 45 हजार रुपये के पुराने नोट बरामद किए गए। 

एसएसपी विवेक पर शराब माफिया से मिलीभगत के आरोप पर विजिलेंस आइजी रत्न संजय के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई। एसएसपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। एसवीयू ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।  इसके लिए मुख्‍यमंत्री के आदेश का इंतजार है। इस बीच खबर मिली है कि मंगलवार को एसएसपी आवास पर पुलिस ने तीन हथकडि़यां मंगाई गईं हैं। 

एसवीयू ने मुजफ्फरपुर स्थित उनके सरकारी आवास और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पैतृक आवास में छापेमारी की। मुजफ्फरनगर स्थित एसएसपी के ससुराल में ताला बंद है, जिसके चलते वहां छापेमारी नहीं हो सकी। एसवीयू की कार्रवाई में आय से अधिक संपत्ति का मामला उजागर हुआ है। विवेक कुमार मुजफ्फरपुर में एसएसपी की कमान संभालने से पहले भागलपुर में पदस्थापित थे। 

एसवीयू के आइजी रत्न संजय ने इन छापेमारियों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि छापेमारी की कार्रवाई शुरू करने से पहले विवेक कुमार के खिलाफ निगरानी थाने में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर लिया गया। छापेमारी की कार्रवाई सोमवार की दोपहर बाद एक साथ शुरू की गई।  

एसवीयू के सूत्रों ने बताया कि विवेक के सहारनपुर व मुजफ्फरनगर ठिकानों से भी करोड़ों की चल-अचल संपत्ति अर्जित करने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। एसवीयू की टीम इन दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है। 

बिहार सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए जाने के बाद एसएसपी स्तर के किसी आइपीएस अधिकारी के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है। हालांकि, इससे पहले वर्ष 2008 में एसवीयू ने बिहार के तत्कालीन डीजी होमगार्ड एवं पूर्व डीजीपी नारायण मिश्रा के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। 

उल्लेखनीय है कि 2007 बैच के आइपीएस अधिकारी विवेक कुमार की केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति हो चुकी है। उन्हें केन्द्रीय मंत्री व मुम्बई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सतपाल सिंह का आप्त सचिव नियुक्त किया गया है। 

हरियाणा के शराब माफिया से एसएसपी की होती थी बात 

एसएसपी विवेक कुमार पर शराब माफिया से मिलीभगत का आरोप है। बताया जाता है कि हरियाणा के शराब माफिया से उनकी बात होती थी। उनके सिकंदरपुर स्थित सरकारी आवास के अलावा दिल्ली, पटना व यूपी के सहारनपुर स्थित उनके पैतृक आवास समेत अन्य ठिकानों पर भी विजिलेंस की टीम एक साथ जांच कर रही है। 

टीम ने एसएसपी को लिया अपने घेरे में

सोमवार की सुबह लगभग साढ़े दस बजे एके-47 से लैस बीएमपी जवानों के साथ विजिलेंस एसपी अरुण कुमार शर्मा के साथ 15 सदस्यीय टीम ने एसएसपी के सिकंदरपुर स्थित सरकारी आवास पर धावा बोला। उस समय वे आवास पर ही थे। विजिलेंस की टीम ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद मेन गेट बंद कर कार्रवाई शुरू की। आवास पर जितने भी कर्मी व जवान थे, सभी के बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। उनके फोन बंद करा दिए गए। चौकीदारों को भी आवास से बाहर निकाल दिया गया। 

दारोगा की खुदकशी के बाद से रडार पर थे एसएसपी

कांटी थाने के पानापुर ओपी में तैनात दारोगा संजय गौर ने एक साथी के सर्विस रिवॉल्वर से गत वर्ष खुद को गोली मार ली थी। घटना के बाद उनकी पत्नी ने एसएसपी पर घूस लेकर थानाध्यक्ष नहीं बनाने का आरोप लगाया। हालांकि, दूसरे दिन वह अपने ही बयान से पलट गई थीं। इसके बाद से ही एसएसपी पुलिस मुख्यालय के रडार पर थे। राज्य सरकार ने भी एसएसपी की कुंडली खंगालने का निर्देश दिया था।