नई दिल्ली कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इनकार कर दिया है। वहीं इस मुकदमे को कठुआ से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने की याचिका पर शीर्ष अदालत ने जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने राज्य पुलिस को पीड़ित परिवार और उनके वकील को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के भी आदेश दिए हैं।

 

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि फिलहाल हम पीड़ित परिवार और वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। आम तौर पर पुलिस को मामले की जांच की अथॉरिटी होती है। अगर पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही हो तो अदालत को सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर क्यों गौर करना चाहिए। अदालत ने यह टिप्पणी दिल्ली की वकील अनुजा कपूर की याचिका पर की। अनुजा और वरिष्ठ वकील भीम सिंह ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। 


पीड़ित के वकील ने बताया जान को खतरा

पीठ ने जम्मू एवं कश्मीर पुलिस को पीड़ित परिवार और वकील दीपिका सिंह राजावत और पीड़ित के पारिवारिक मित्र तालिद हुसैन को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा। वकील ने अपनी जान को खतरा बताया था। पीठ ने सादी वर्दी में सुरक्षा जवानों की तैनाती सुनिश्चित करते हुए नाबालिग आरोपी को भी सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए हैं। 


राज्य सरकार को नोटिस

पीठ ने मामले को कठुआ से चंडीगढ़ ट्रांसफर करने की पीड़िता के पिता की याचिका पर जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है। पीड़िता के पिता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि कठुआ में जो माहौल है वहां निष्पक्ष सुनवाई मुश्किल है। पीठ ने सीबीआई जांच कराने की मांग वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस ने बेहतरीन काम किया है। पीड़िता के पिता भी जांच से संतुष्ट हैं। इस मामले में चार्जशीट भी दायर हो चुकी है। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।