कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अगले सप्ताह 23 अप्रैल से अपनी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर संविधान बचाओ अभियान शुरू करेंगे। दलित वोट दोबारा कांग्रेस के साथ जोड़ने के लक्ष्य को लेकर शुरू किए जा रहे इस अभियान के दौरान संविधान और दलित समुदाय पर कथित हमलों को मुद्दा बनाया जाएगा।

कांग्रेस के वर्तमान और भूतपूर्व दलित सांसदों-विधायकों, जिला परिषदों, नगर निकायों और पंचायत समितियों में बैठे कार्यकर्ताओं को तालकटोरा स्टेडियम में इस अभियान की शुरुआत वाले समारोह का हिस्सा बनाया जाएगा, जिसमें दलित समुदाय से जुड़े वर्तमान सरकारी फैसलों पर उन सभी को संवेदनशील बनाया जाएगा। 


इस समारोह के आयोजक और कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन नीतिन रौत ने कहा, इसके अलावा कांग्रेस पदाधिकारियों को उनके क्षेत्रीय संगठनों, युवा, महिला और सेवा दल विंगों को भी इस अभियान की लांचिंग पर बुलाया जाएगा। इन सभी उपस्थितों को यही अभियान राज्यों में अनुसूचित जाति के लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।


क्यों है इस वोट बैंक पर नजर

17 प्रतिशत दलित हैं सभी वोटरों में

84 संसदीय सीट एससी प्रत्याशी के लिए आरक्षित हैं

2014 लोकसभा चुनाव में आधी से ज्यादा ऐसी सीट जीती थी भाजपा

02 अहम  राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार में भाजपा की सफलता का कारण था दलित वोटर

04 सीट ही दलितों के लिए आरक्षित में से मिली थी कांग्र्रेस को

2019 लोकसभा चुनावों में दलित वोट के जरिए सफलता चाहती है कांग्रेस