पटना  बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने संयुक्त रूप से इस्लाम और राष्ट्र को खतरे में बताते हुए सड़क पर उतरने का ऐलान किया. रविवार को गांधी मैदान में हुई इस रैली में लाखों मुसलमान जुटे. इस रैली को 'दीन (धर्म) बचाओ, देश बचाओ' नाम दिया गया.

कार्यक्रम का उद्घाटन अमीर-ए- शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने किया. कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ खड़ी ताकतों के खिलाफ लोगों को सचेत करना है. इमारत शरिया के नाजिम अनीसुर रहमान कासमी ने कहा कि यह एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम है और आग्रह किया कि इसे राजनीति से जोड़कर न देखा जाए.

जनता ने केंद्र को दिया तीन तलाक

मौलाना उमरेन महफूज रहमानी ने कहा कि अररिया, फूलपुर और गोरखपुर में जनता ने केंद्र को 'तीन तलाक' दे दिया है. उन्होंने कहा कि कौम कमजोरों की हिफाजत के लिए आगे आए. इस मौके पर अबू तालिब रहमानी ने कहा कि जिसका पिता मजबूत होता है उसके वंशज भी मजबूत होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि 5 लाख मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर कर केंद्र को सौंपा फिर भी तीन तलाक बिल को लाकर सारी मसाइल के हल निकालने का दावा किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हमें दीन और देश दोनों को बचाना है. देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है. बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि 'हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि बीजेपी संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी. उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है. हमें अपने लोगों और देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है.

सरकार सोची समझी रणनीति के तहत पर्सनल लॉ में कर रही हस्तक्षेप

मुसलमानों को मसलिक झगड़ों से निकलना होगा और आपसी मिल्लत कायम करना होगा. मौलाना वाली रहमानी ने कहा कि मुसलमानों सहित देश में सभी अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं. सरकार सोची समझी रणनीति के तहत मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप कर रही है. जिन्दा कौमें खौफ के साये में नहीं जीतीं, वो हर वक्त कुरबानी के लिए तैयार रहती हैं.

मौलाना अबदुल्ला आज़मी ने कहा कि दलित और मुसलमानों को मिलकर देश को बचाने के लिए लड़ना होगा. मोदी पर चुटकी ली और कहा जब हर-हर मोदी होगा तो ललित और नीरव मोदी होगा, जो देश को लूटकर भागेगा.

हालिया वर्षों में शायद ऐसा पहली बार देखने को मिला, जब लाखों की संख्या में मुसलमान दीन बचाने, देश बचाने के नाम पर सड़क पर उतरे. बता दें कि तीन तलाक को लेकर देश भर में प्रदर्शन करने के बाद एआईएमपीएलबी और इमारत शरिया देश में कानून व्यवस्था की स्थिति, संविधान और इस्लाम पर खतरे के मुद्दे पर काफी आक्रामक है और इसी को रैली में उठाने की तैयारी है. इमारत शरिया 1921 में बिहार, झारखंड, ओडिशा के मुस्लिमों को शरिया के तहत आने वाले मुद्दों को समझाने के लिए बनाई गई थी.

'देश पर मंडरा रहा है खतरा'

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि 'हमने चार साल इंतजार किया, यह सोचकर कि बीजेपी संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी. मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर  हमला हो रहा है. हमें अपने लोगों और देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है.' हालांकि, इमारत शरिया ने रैली को किसी राजनीतिक पार्टी के समर्थन प्राप्त होने की बात को खारिज किया है.