स्मार्ट सिटी के रूप में डेवलप हो रहे मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर शहर की पुलिस भी अब स्मार्ट हो रही है. प्रदेश सरकार द्वारा जहां जबलपुर पुलिस को अतिरिक्त बल प्रदान किया गया है वहीं कई संसाधन भी मुहैया कराए गए हैं जो शहर की सुरक्षा करने में पुलिस के लिए काफी मददगार हैं.

दरअसल, हाल ही में जबलपुर में अत्याधुनिक तकनीकों से लैस पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो जबलपुर जिला ही नहीं बल्कि पूरे संभाग में सबसे व्यवस्थित पुलिस कंट्रोल रूम है. इसके साथ ही जबलपुर में आई जी और डीआईजी कार्यालय भी है जहां विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय मौजूद रहकर पुलिस विभाग को दिशा-निर्देश देते हैं.

जबलपुर में करीब 3000 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों का बल है. इसके साथ ही करीब 45 एफआरवी यानि डायल 100 वाहन हैं, जो हर समय शहर की सुरक्षा के लिए गश्त पर रहते हैं. इसके साथ ही कोड रेड पुलिस की आधा दर्जन टीमें महिलाओं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहती है. कहीं भी महिलाओं के साथ कोई घटना या छेड़छाड़ होती है तो ये कोड रेड टीम तत्काल मौके पर पहुंच जाती है.

जबलपुर में संभाग की सबसे बड़ी डॉग एवं बम स्क्वाड टीम है जिसमें करीब एक दर्जन अधिकारी-कर्मचारी हैं. कभी सिमी आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट रहा जबलपुर अब बम स्क्वाड की टीम की मौजूदगी के कारण काफी हद तक सुरक्षित है.