पटना। जदयू में एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। पार्टी के पास तीन नेताओं को विधान परिषद भेजने के लिए संख्या बल है। लेकिन दावेदार कई हैं हाल के दिनों में हम छोड़कर आए पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह भी विधान परिषद सीट के दावेदार हैं।

नरेंद्र सिंह ने CM से टिकट के लिए कहा तो नीतीश ने स्पष्ट कहा कि हम खुद टिकट के दावेदार हैं। पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर CM नीतीश कुमार से विधान परिषद का टिकट मांगा CM ने कहा कि हम खुद ही टिकट के दावेदार हैं और टिकट पर अंतिम फैसला प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को करना है।

दरअसल मुख्यमंत्री के करीब में अशोक चौधरी बैठे थे। हज भवन में भीमराव अंबेडकर की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के करीब में बैठे अशोक चौधरी कुर्सी छोड़कर जैसे ही भाषण देने गए उसी दौरान पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह उस कुर्सी पर आकर बैठ गए और CM से विधान परिषद के टिकट के लिए आग्रह करने लगे।

अपनी दूसरी और बैठे नरेंद्र सिंह की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि टिकट पर फैसला प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को करना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते हमने पूरा अधिकार प्रदेश अध्यक्ष को दे रखा है और हम खुद भी वशिष्ठ नारायण सिंह से टिकट मांग रहे हैं, आप भी प्रदेश अध्यक्ष से बात कर लीजिए।आपको बता दें कि जदयू तीन नेताओं को ही विधान परिषद भेज सकती है 3 में एक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद हैं बाकी के 2 सीटों पर अंतिम फैसला लेने को लेकर जद्दोजहद जारी है। नीतीश कुमार टिकटार्थियों को स्पष्ट तौर पर यही कहते नजर आते हैं कि मैं खुद ही टिकट का दावेदार हूं। आपको कैसे टिकट दे सकता हूं इसके लिए सक्षम व्यक्ति प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह हैं।