लंदन। पूर्वी कंबोडिया के एक दूरदराज के गांव में जन्मी एक बच्ची की दुर्लभ बीमारी इन दिनों चर्चा में आ गई है। दो महीने की हो चुकी इस बच्ची के दिमाग और खोपड़ी का भाग जन्म से नहीं है। आह नीथ अब जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रही है।

शेरी और हेंग के माता-पिता बच्ची की जान बचाने के लिए पैसे जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वह अपना घर और जमीन सब बेच चुके हैं। उनकी दुर्दशा की कहानी उस वक्त सामने आई, जब बच्ची को बचाने के लिए उन्हें और पैसों की जरूरत थी और इसके लिए वे क्राउड फंडिंग कर रहे थे।

नोम पेन्ह में एक अस्पताल में नीथ भर्ती है। उसकी मां शेरी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि डॉक्टरों के इलाज से वह ठीक हो जाएगी। उसके जन्म के समय से ही हमें पता था कि उसके साथ कुछ गलत हो गया है। तब मैंने लोगों से पैसे दान करने को कहा, ताकि बेटी का इलाज जारी रह सके। हम गरीब हैं और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश में घर और जमीन पहले ही बेच चुके हैं।

शेरी ने कहा कि बच्ची स्वस्थ है, लेकिन उसके सिर और दिमाग का कुछ हिस्सा नहीं हैं। डॉक्टरों का मानना ​​है कि बच्चे को एनैंसफैली नाम की एक दुर्लभ बीमारी है, जो अमेरिका की करीब हर 10,000 गर्भावस्था में से तीन में देखने को मिलती है।

हालांकि, इस बीमारी के शिकार होने वाले बच्चों की वास्तविक संख्या ज्ञात नहीं है, क्योंकि अधिकांश मामलों में इसका परिणाम गर्भपात होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, अमेरिका में हर 4,859 नवजात शिशुओं में से एक के साथ ऐसा होता है।

हालांकि, इस बीमारी का कारण अज्ञात है। मगर, कुछ बच्चों को जीन या क्रोमोसोम्स या अन्य कारकों में परिवर्तन के कारण होता है। गर्भवती होने और गर्भधारण के दौरान मां जो खाती-पीती है या जिन दवाओं का सेवन करती है, उसका असर बच्चे पर होता है।