पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सत्ता रहे या नहीं, वे अपने बुनियादी सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे वालों से कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को संविधान में जो आरक्षण दिया गया है उसे कोई छीन नहीं सकता। इसके लिए वह अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। कौन आरक्षण के खिलाफ किसकी क्या राय है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं।

मुख्यमंत्री डॉ.भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती के मौके पर बोल रहे थे। उन्‍होंने दलित और महादलित समाज के लिए किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि काम सभी के सामने है। उन्हें किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं। कहा कि वह जदयू के लोगों को यह परामर्श दे रहे हैैं कि कोई जरूरत नहीं है बिला वजह किसी से तकरार करने की। बोलने दीजिए, बोली कितने दिनों तक टिकेगी, चला जाएगा ऊपर, काम ही रहेगा।

किसी का नाम लिए बिना मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को समाज को तोडऩे में यकीन है। जरूरत इस बात की है कि समाज में टकराव और तनाव के माहौल को खत्म कीजिए। कुछ लोग मिनट-मिनट पर बयान देने के आदी हैैं, पर हमलोग इससे दूर हैैं। हमें बयानबाजी नहीं अपने काम पर भरोसा है। बयानबाजी का असर क्षणिक रहता है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आपकी प्रतिबद्धता किस चीज से है। स्कूल के जमाने से ही डॉ. लोहिया का यह वाक्य दिल में है कि जुबान से कम बोलिए, काम ऐसा कीजिए कि वह बोले।