चंपावत: भारत-नेपाल के बीच फोरलेन हाईवे बनने से जहां संबंध और मधुर होंगे, वहीं कारोबार में भी काफी इजाफा होगा। एशियन हाईवे के तहत काठमांडू से दिल्ली हाईवे का काम शुरू हो गया है। नेपाल सरकार ने हाईवे के लिए महाकाली नदी पर करीब 800 मीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू कर दिया है। वहीं पुल को भारत के एनएच-9(टनकपुर-बनबसा-खटीमा मार्ग) से जोड़ने के लिए करीब 6.80 किमी सड़क भारत सरकार को बनानी है। सड़क के सर्वे के लिए भारत की ओर से पीडब्लूडी की पीआइयू विंग ने भारत सरकार को एक करोड़ का स्टीमेट भेजा है। धनराशि आने के बाद दोनों देशों द्वारा संयुक्त सर्वे कर डीपीआर तैयार की जाएगी। इस सड़क के बनने से उत्तराखंड के रास्ते काठमांडू सड़क मार्ग से सीधे जुड़ जाएगा। 

बीते दिनों भारत व नेपाल के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद एशियन हाईवे के तहत काठमांडू से दिल्ली को जोड़ने वाले हाईवे के काम में और तेजी आ गई है। सड़क के लिए जून 2017 में इंडो नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया था। जिसके बाद नेपाल सरकार ने काम शुरू कर दिया है। 

नेपाल के कंचनपुर जिले के चांदनी नगर पालिका के पास झुंलगियां पैदल पुल स्थित है। उसी पुल के पास से यह मोटर पुल बनना है। इसके लिए नेपाल सरकार ने पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पुल के पास बॉर्डर पर इंडिया का गड़ीगोठ(चंपावत जिला) गांव है। जहां तक नेपाल सरकार पुल के साथ सड़क निर्माण करेगी। वहीं से मार्ग को बनबसा एनएच-9 से जोड़ने का कार्य भारत को करना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने निरीक्षण कर 6.80 किमी सड़क प्रस्तावित की है। जिसमें अभी भारत नेपाल के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाना है। 

मार्ग में बनेंगे चार पुल 

बनबसा से गड़ीगोठ तक मार्ग बनाने के लिए भारत सरकार को चार पुल बनाने होंगे। जिसमें पहला पुल 150 मीटर का आरओबी, 120 मीटर का शारदा कैनाल पर तथा 21-21 मीटर के दो छोटे-छोटे पुल बनने हैं। इसके अलावा मार्ग में करीब 60 फीसद वन भूमि व 40 फीसद नाप भूमि आ रही है। 

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनुपम राय ने बताया कि नेपाल से भारत में बनने वाले फोरलेन हाईवे का काम नेपाल में शुरू हो गया है। भारत में मार्ग बनाने के लिए फौरी सर्वे हो चुका है। जल्द ही भारत नेपाल अधिकारियों के साथ संयुक्त डिटेल सर्वे किया जाएगा। इसके लिए शासन में एक करोड़ की डिमांड भेजी गई है। 

जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल ने जानकारी दी कि बीते दिनों नेपाल व भारत प्रधानमंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद सड़क निर्माण में तेजी आई है। पीआइयू ने सर्वे के लिए डिमांड भेज दी है। बजट आने के बाद सर्वे का कार्य पूरा कर डीपीआर तैयार कर शासन में भेजी जाएगी।