स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- बैंक की एक हजार करोड़ की लिमिट वाली स्कैब में 13 अप्रैल की स्थिति में 10 करोड़ बचे हैं। बैंक को शहर की 28 शाखाओं के कैश काउंटर (15 करोड़ रु.) और 165 एटीएम (25 करोड़ रु.) के लिए हर रोज 40 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। लेकिन उपलब्धता 15 करोड़ है। 

इन स्थानों के एटीएम से निकाल सकते हैं कैश 

एक हजार करोड़ की डिमांड के बदले 100 करोड़ रुपए मिलने की संभावना 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया- इसकी 100 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 10 करोड़ रुपए बचे हैं। बैंक को शहर की 10 शाखाओं के कैश काउंटर (07 करोड़ रु.) और 39 एटीएम (02 करोड़ रु.) के लिए हर रोज 09 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। लेकिन इतनी उपलब्धता नहीं है। बैंक ने आरबीआई को 60 करोड़ की डिमांड भेजी है। 

यूको बैंक के हाईकोर्ट, दाल बाजार, गुड़ा-गुड़ी का नाका, दौलतगंज, छत्री बाजार, बिरला नगर, मुरार, गोला का मंदिर, कैंसर हॉस्पिटल, आईटीएम स्थित एटीएम से कैश निकाल सकते हैं। 

इन बैंकों की करेंसी चेस्ट के पासपर्याप्त कैश 

बैंक ऑफ बड़ौदा- इसकी 500 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 100 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की शाखाओं के कैश काउंटर और 15 एटीएम के लिए हर रोज 02 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। 

पंजाब नेशनल बैंक- इसकी 50 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 20 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की 10 शाखाओं के कैश काउंटर और 34 एटीएम के लिए हर रोज 07 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। बैंक ने आरबीआई को 25 करोड़ की डिमांड भेजी है। 

बैंक ऑफ बड़ौदा के झांसी रोड, नया बाजार, मेला ग्राउंड, मुरार में दो, सांई बाबा मंदिर, अपोलो हॉस्पिटल, सराफा बाजार, पारस विहार स्थित एटीएम से कैश ले सकते हैं। 

सरकारी क्षेत्र की बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा आरबीआई को भले ही एक हजार करोड़ की डिमांड भेजी है लेकिन ऐसी संभावना है कि आरबीआई सिर्फ 100 करोड़ रुपए की ही पूर्ति कर पाएगा। यह कैश सोमवार-मंगलवार तक आने की पूरी संभावना है। 

200 के नोट का प्रचलन बढ़ाने के लिए दो हजार के नोट की सप्लाई रोकी 

बैंकिंग सूत्रों के अनुसार नगदी का यह संकट 200 रुपए के नोट के कारण खड़ा हुआ है। इस नोट का चलन बढ़ाने के लिए आरबीआई ने 500 और 2000 के नोट को भेजना बंद कर दिया है। कैश की सप्लाई नहीं होने से एटीएम भरने का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्वालियर में 250 एटीएम हैं। इनकी दैनिक डिमांड 70 करोड़ रुपए है। इस राशि की पूर्ति भी मुश्किल से हो रही है। जिसकी वजह से कई एटीएम बंद हैं। कैश भरने वाली एजेंसियों के अनुसार चेस्ट ने 2 हजार रुपए का नोट देना बंद कर दिया है। एसबीआई के 165 एटीएम हैं इनमें से 80 एटीएम, सेंट्रल बैंक के 39 में से 15 एटीएम पूरी तरह खाली हैं। जबकि बाकी एटीएम और अन्य बैंकों के आठ लाख कैपेसिटी के एटीएम में दो से तीन लाख के बीच कैश बचा है। 

पीएनबी के एमपीसीटी कॉलेज, जयेंद्रगंज, सिटीसेंटर, सराफा बाजार, चावड़ी बाजार में तीन, नया बाजार, एजी ऑफिस, मुरार कैंट, ठाठीपुर, जीडीए कॉम्पलेक्स, एबी रोड चौराहा, मॉल रोड, विनयनगर सेक्टर वन, गोविंदपुरी, दीनदयाल नगर, गोला का मंदिर, यूनिवर्सिटी रोड, तानसेन रोड, एयरपोर्ट रोड, झांसी रोड आदि। 

यूको बैंक- इसकी 200 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 50 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की शाखाओं के कैश काउंटर और 10 एटीएम के लिए हर रोज 03 करोड़ 50 लाख रुपए चाहिए होते हैं।