बैंगलुरु. आईटी सेक्टर की कंपनी इंफोसिस ने शुक्रवार को फाइनेंशियल 2017-18 की चौथी तिमाही के नतीजे का एलान किया। इसके मुताबिक, कंपनी का मुनाफा 28 फीसदी घटकर 3,690 करोड़ रुपए हो गया है। तीसरी तिमाही में 5,129 करोड़ रुपए था। इसी के साथ इंफोसिस ने अपने शेयर होल्डर के लिए 20.5 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड देने का एलान किया।

सालाना मुनाफे में 2.4% बढ़ोत्तरी

- इस तिमाही में भले ही कंपनी का मुनाफा घटा हो लेकिन सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में 2.4% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 3,603 करोड़ से बढ़कर 3,690 करोड़ रुपए हो गया है।

आय में 1.6% की बढ़ोत्तरी

- चौथी तिमाही में कंपनी की आय 1.6% बढ़ी है। तीसरी तिमाही में 17,794 करोड़ के मुकाबले इंफोसिस की आय बढ़कर 18,083 करोड़ रुपए हो गई है। 

- चौथी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 1.8% बढ़ी है। डॉलर आय तीसरी तिमाही में 275.5 करोड़ डॉलर के मुकाबले 280.5 करोड़ डॉलर हो गई है।

शेयर होल्डर को दिया डिविडेंट

- कंपनी ने 20.50 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने का एलान भी किया।

एबिट मार्जिन बढ़ा

- कंपनी का एबिट मार्जिन 4,319 करोड़ रुपए से बढ़कर 4,427 करोड़ रुपए हो गया है।

फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए अनुमान

- फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए इंफोसिस ने कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ 6-8% रहने का अनुमान जताया है। वहीं, कंपनी डॉलर इनकम में 7-9% ग्रोथ का अनुमान है। FY19 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस 7-9% वहीं एबिट मार्जिन गाइडेंस 22-24% दिया गया है।

- कंपनी के सीईओ सलिल पारेख के कार्यकाल का यह पहला परिणाम है। विशाल सिक्का के बाद पारेख कंपनी के दूसरे नॉन-प्रमोटर सीईओ हैं। इंफोसिस ने फाइनेंशियल ईयर 2018 में आमदनी में बढ़ोतरी का अनुमान घटाया था।