केंद्र सरकार ने पूर्व सीएजी प्रमुख विनोद राय को बैंक ब्यूरो बोर्ड (बीबीबी) के चेयरमैन पद से हटा दिया है। भानु प्रताप शर्मा अब इसके नए चेयरमैन होंगे। वहीं सरकार ने तीन नए सदस्यों को भी नियुक्त किया है। इनमें वेदिका भंडारकर, पी प्रदीप कुमार और प्रदीप पी शाह शामिल हैं।    

इसलिए गिरी गाज

पीएनबी सहित अन्य बैंकों में उजागर हुए घोटाले के बाद से ऐसी खबरें सामने आ रहीं थी कि राय को उनके पद से हटाया जा सकता है। वैसे भी राय का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो गया था। राय को सरकारी बैंकों में प्रबंधन स्तर के अधिकारियों में कार्यशैली विकसित करने के लिए सरकार को सलाह देने का जिम्मा सौंपा गया था। दरअसल ब्यूरो सरकारी बैंकों में कर्मचारियों की गुणवत्ता सुधारने की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया।

 

राय ने किया निराश 

सूत्रों ने कहा कि जिस काम के लिए राय को सरकार ने बीबीबी का चेयरमैन बनाया था, उसमें उन्होंने काफी निराश किया है। बीबीबी को पब्लिक सेक्टर बैंकों के एमडी और सीईओ को चुनने की जिम्मेदारी दी गई थी।

 

इसके अलावा अन्य सीनियर पदों पर भी सही लोगों को चुनने के लिए कहा गया था। वहीं उन पर सभी पीएसयू बैंकों में एचआर के द्वारा टेक्नीकल अपग्रेडेशन और स्टाफ की ट्रेनिंग को कराने के लिए कहा गया था, जिसमें वो पूरी तरह से फेल हो गए थे। माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय ने बोर्ड के साथ काम करने से इनकार कर दिया है।

 

प्रोबेशन अधिकारियों के लिए घटी ट्रेनिंग की अवधि

पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंकों ने प्रोबेशनरी अधिकारी के लिए सेवा में प्रशिक्षण की अवधि 24 महीने से घटाकर 1 वर्ष कर दी है। पीएनबी ने तो अपने ट्रेजरी और विदेशी मुद्रा परिचालन अधिकारियों को लंबे समय से रिफ्रेशर प्रशिक्षण के लिए ही नहीं भेजा है।

 

बैंक के एक उच्चाधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है, ये अपना काम नहीं जानते हैं। लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सूचना के आदान-प्रदान से बैकअप अधिकारी तैयार हो जाते हैं।