कैंब्रिज डाटा लीक मामले में दुनिया भर में शर्मिंदगी झेल रहे फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक बार फिर माफी मांगी है। बीती रात अमेरिकी सीनेट (संसद) में 44 सीनेटरों (संसदों) ने उनसे सवाल-जवाब किये। पूछताछ का यह दौर करीब पांच घंटे तक चला। मार्क जुकरबर्ग सीनेट की वाणिज्य और न्यायपालिका समितियों के सामने पेश हुए इस दौरान उन्हें फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना किया लेकिन बड़ी चालाकी से उन्होंने कई सवालों को जवाब टाल दिया।  

सीनेट पहुंचकर शुरुआती सवालों को सुनने के बाद वह थोड़ा तनाव में दिखे और जवाब देते समय उन्हें कई बार पानी भी पीना पड़ा। मार्क पांच घंटे तक सीनेट में रहे, लेकिन शुरुआती कुछ सवालों के बाद यह पूछताछ उनके लिए आसान होती चली गई। इसकी वजह यह थी कि सीनेट में सवालों का जवाब देने से पहले जुकरबर्ग को सच बोलने की शपथ नहीं दिलाई गई थी।

 

दूसरी बात यह रही कि जो सांसद मार्क से सवाल कर रहे थे उन्हें यह तक पता ही नहीं था इंटरनेट और फेसबुक आखिर काम कैसे करता है। फिर भी कुछ ने उनसे सवाल किए, मार्क उन सवालों का जवाब बहुत चालाकी से देते गए। यह पूछताछ उनके लिए कितनी आसान रही इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वो सीनेट से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर मुस्कान दिख रही थी।


अपने बात की शुरुआत ही जुकरबर्ग ने माफी मांगते हुए की और कहा कि अब यह साफ हो गया है कि हम फेसबुक के टूल्स को और अपने उपयोगकर्ता के डाटा को सुरक्षित रखने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी।


'उन्होंने कहा, 'यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है।' 


मामले की सुनवाई कॉमर्स कमेटी के चेयरमैन जॉन थूने के सवालों से हुई, उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी कंपनियां हमें बताएं कि वह अपनी तकनीक का इस्तेमाल कैसे करती हैं। आज की सुनवाई असाधारण है, यह असाधारण इसलिए भी है क्योंकि एक सीईओ अमेरिका के सीनेटरों के सामने आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सीनेटर ऐसा मानते रहे हैं कि तकनीकी कंपनिया अपने आपको खुद ही संचालित करती हैं, लेकिन अब हम यह जानना चाहते हैं कि फेसबुक किस तरह से जिम्मेदारी लेती है क्योंकि अमेरिका के लोगों का ख्वाब है फेसबुक। हम नहीं चाहते कि यह हमारी निजता में खलल पैदा करे।