देशभर में दलितों पर हो रहे अत्याचार की घटनाओं और मोदी सरकार की 'नाकामी' के खिलाफ सोमवार को विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस का देशव्यापी अनशन जारी रही है. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचे. उन्होंने बापू की समाधि पर श्रद्धांजलि दी और सांकेतिक उपवास रखा.


बीजेपी के इंफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी इंचार्ज अमित मालवीय ने राहुल गांधी के देर से राजघाट में उपवास शुरू करने को लेकर तंज कसे हैं. मालवीय ने ट्वीट किया- 'राहुल जी अगर लंच हो गया हो, तो उपवास पर बैठ जाओ. मैं जानता चाहता हूं कि कौन ऐसा नेता होगा जो दोपहर 12:45 बजे बाद अनशन पर बैठता हो."


इसके पहले राजघाट पर अनशन के लिए बने मंच पर कांग्रेस नेता अजय माकन, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर से भिड़ गए थे. जिसके बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अजय माकन ने जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया. बता दें कि टाइटलर और सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी थे. इसे लेकर बीजेपी ने कांग्रेस की मंशा को लेकर सवाल उठाए हैं.

'शांति के प्रतीक बापू की समाधि पर पहुंचे दंगे के आरोपी' 

सिख दंगों के आरोपी टाइटलर और सज्जन सिंह के राजघाट पहुंचने को लेकर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है. पात्रा ने कहा, 'जिस तरह से दंगे भड़काए गए और हजारों सिखों को जिंदा जलाया गया, वह हम सबने देखा है. आज उस दंगे के आरोपी ही शांति के प्रतीक महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंच गए.'

दलितों का उपहास है राहुल का उपवास

उधर, बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के उपवास को लेकर तंज कसे हैं. उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया-"यह दलित हितों के लिए उपवास नहीं है, यह दलित हितों का उपहास है. राहुल गांधी एक बार फिर कैमरे के लिए राजनीति कर रहे हैं. राहुल, आप स्टंट की राजनीति और झूठ की राजनीति को कब रोकेंगे?"क्यों हो रहा देशव्यापी अनशन?

बीते दिनों देशभर में दलित उत्पीड़न और अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. वहीं, एससी/एसटी एक्ट में हुए बदलाव को लेकर भी असंतोष है. इसके अलावा कांग्रेस संसद की कार्यवाही ठप होने से विपक्ष नाराज है.  इसके लिए कांग्रेस ने 9 अप्रैल को देशव्यापी अनशन का ऐलान किया है. बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा फेज हंगामे की भेंट चढ़ गया. साल 2000 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि संसद में सबसे कम काम हुआ हो. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही ठप होने से कई बिल पेश नहीं हो सके और वो पेंडिंग रह गए.


क्या है कांग्रेस का कार्यक्रम?

कांग्रेस के नए संगठन महासचिव अशोक गहलोत की तरफ से पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों, एआईसीसी महासचिवों/प्रभारियों और विधायक दल के नेताओं के भेजे गए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. उनसे कहा गया है कि वे सांप्रदायिक सौहार्द को बचाने और बढ़ाने के लिए सभी राज्यों और जिलों के कांग्रेस मुख्यलयों में 9 अप्रैल को उपवास रखें. ऐसा राहुल गांधी का निर्देश है.


देशव्यापी अनशन के तहत कांग्रेस के तमाम नेता देश भर के कांग्रेस दफ्तरों पर एक दिन का उपवास रखेंगे. इस दौरान कार्यकर्ताओं को भी एक दिन उपवास रखने को कहा गया है. वहीं, राहुल गांधी सुबह 10 बजे राजघाट पहुंचेंगे और गांधी समाधि के सामने अनशन पर बैठेंगे.

क्या है अनशन की वजह?

कांग्रेस के देशव्यापी अनशन के पीछे वजह सांप्रदायिक सौहार्द के बिगड़ते माहौल और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को बताया गया है. राहुल गांधी ने 2 अप्रैल को 'भारत बंद' के दौरान हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था. कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार हिंसा को रोकने में नाकाम रही. केंद्र ने दलितों के हितों को लेकर कुछ नहीं किया. ऐसे में कांग्रेस को आगे आकर नेतृत्व देने की जरूरत है. इसी वजह से कांग्रेस ने आज देशव्यापी अनशन रखा है.


किन मुद्दों को लेकर हो रहा अनशन?

-सीबीएसई पेपर लीक

-पीएनबी घोटाला

-कावेरी जल मुद्दा

-आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न देने का मुद्दा

-संसद में चर्चा कराने में केंद्र सरकार की नाकामी

-दलितों पर अत्याचार के मामले


12 अप्रैल को बीजेपी का अनशन

कांग्रेस के अनशन के बाद बीजेपी भी 12 अप्रैल को देशव्यापी उपवास रखेगी. इसमें बीजेपी के सभी सांसद भी हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी ने पार्टी सांसदों को ये निर्देश दिए हैं. मोदी ने संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और मुख्य रूप से कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है.