भारत बंद के दौरान हिंसक वारदात के बाद पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती की नाराजगी बरकरार है। भाजपा के दलित सांसदों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाज उनको कभी माफ नहीं करेगा। पिछले चार वर्ष दलित उत्पीडऩ के चलते खामोश बैठे रहने वाले भाजपा के कुछ सांसद अब आम चुनाव निकट आते ही कोरी बयानबाजी और नाटकबाजी कर रहे हैं। अपना भविष्य अंधकारमय लगा तो अब समाज की याद आने लगी। रविवार को जारी बयान में मायावती ने कहा कि ऐसे स्वार्थी और बिकाऊ मानसिकता वाले भाजपा सांसदों को स्वाभिमानी दलित समाज कभी माफ नहीं करेगा।

भाजपा शासन में दलितों पर अत्याचार का पहाड़ टूटता रहा 

मायावती ने याद दिलाया कि जब दलितों पर अत्याचार के विरोध में उन्होंने राज्यसभा से त्यागपत्र दे दिया था तब ये भाजपा दलित सांसद कुंभकरण की नींद सो रहे थे। आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में दलितों पर आए दिन अत्याचार व दुखों का पहाड़ टूटता रहा है। भाजपा को चेताते हुए कहा कि दलित हितों से खेलने की कोशिश जारी रही तो उसकी वही दुर्गति होगी जो वर्ष 1975 के आपातकाल के बाद 1977 में कांग्रेस की हुई थी। दलित, गरीब व आदिवासियों की हाय भाजपा को आगामी चुनाव में खत्म कर देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि देश में इमरजेंसी से बदतर हालात हैं और भाजपा आग से खेल रही है। दलित और आदिवासी समाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

बसपा सरकार बनी तो मुकदमे वापस होंगे

मायावती ने दलितों की अंधाधुंध गिरफ्तारी की भर्त्सना करते हुए कहा कि अगर बसपा की सरकार बनी तो दलितों के खिलाफ दर्ज किए मुकदमों को वापस लिया जाएगा। भाजपा ने दलितों के साथ न्याय नहीं किया है, हमारी सरकार बनी तो हम भ्रष्टाचार खत्म करेंगे। उन्होंने बताया कि मेरठ, हापुड़ व आजमगढ़ जैसे जिलों के अलावा अन्य स्थानों पर दलित युवाओं की गिरफ्तारियों के विरोध में बसपा का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलेगा। इस बारे में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा, लालजी वर्मा व रामअचल राजभर को निर्देश दिए हैं। भाजपा ने अन्याय न रोका तो बसपा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने बताया कि बीती तीन अप्रैल को इस बाबत केंद्रीय गृहमंत्री से वार्ता भी की थी।