बेंगलुरू: ऐसा लग रहा है कि लिंगायतों के मुद्दे पर बीजेपी कर्नाटक में फंसती जा रही है. लिंगायत मठों से जुड़े कई संतो ने बेंगलुरु में एक बैठक कर पीएम मोदी से मांग की है कि इस महीने की 18 तारीख तक लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा दें. इतना ही नहीं सभी संतों ने लिंगायत समुदाय से अपील की है कि विधानसभा चुनाव में सीएम सिद्धारामैया को वोट दें क्योंकि उन्होंने ही लिंगायतो को अलग धर्म का दर्जा दिया है. संतो ने बताया, वे केंद्र को एक मेमोरेंडम देने जा रहे हैं. आचार संहिता कर्नाटक में लागू है दिल्ली में नहीं. मांग करते हैं कि 18 अप्रैल यानी बसवा जयंती तक हमें अलग धर्म का दर्जा दे दें.

लिंगायत समुदाय की संत माता महादेवी ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा, 'देखिये! मैन सभों से अपील की है कि इस बार सिद्दारमैया को वोट दें.' इन बातों से इतना तो साफ है कि सिद्धारमैया की लिंगायतों को अपनी ओर  खींचने की कोशिश रंग लाती दिख रही है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में कर्नाटक में एक बयान दिया था कि वह किसी भी अलगाववाद को कामयाब नहीं होने देंगे. इस बयान के बाद से ऐसा लग रहा है कि लिंगायत बीजेपी के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं.

आपको बता दें कि कर्नाटक में लिंगायत बीजपी का मज़बूत वोट बैंक है. इसमें सेंधमारी की भरपाई के लिए अब बीजेपी दलित और ओबीसी के खेमे की तरफ देख रही है लेकिन हाल में हुए दलितों के प्रदर्शन बीजेपी की इस रणनीति में भी रोड़ा अटका रहे हैं.