ज्योतिष में मंगल को क्रूर और शनि को पाप ग्रह कहा गया है. जब दो ग्रह एक ही भाव में एक दूसरे के बहुत निकट होते हैं व दोनों ग्रहों की डिग्री में 10 से कम का अंतर होता है तो यह अवस्था ग्रह युद्ध की अवस्था कहलाती है.

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में मंगल सेनापति ग्रह है, जबकि शनि पापक ग्रह हैं. शनि लोहा और भूमि को मंगल माना जाता है. ऐसे में दोनों ग्रह धनु राशि में साथ आए हैं. एक दूसरे के शत्रु ग्रह होने के कारण ये आपस में टकराएंगे जिनका अलग-अलग राशियों पर प्रभाव पड़ेगा. मंगल-शनि का योग अच्छा नहीं कहा जा सकता. यह अवस्था 18 अप्रैल तक रहेगी. बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यासी ज्योतिषाचार्य पंडित प्रसाद दीक्षित ने इस अवस्था से 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी है.

मेष- इस घटना का सबसे ज्यादा खराब प्रभाव मेष राशि पर पड़ेगा. उनके लिए ये स्थिति विपदा की हो सकती है. एक्सीडेंट, छोटी-बड़ी चोट लगने का कारण भी हो सकता है. इसका उपाय ये है कि इस राशि से जुड़े लोग लाल कपड़े न पहनें.

वृषभ- इनके लिए इस स्थिति का होना सर्वोत्तम रहेगा. इस राशि के लोग अच्छे फल की उम्मीद कर सकते हैं. आकस्मिक धन की प्राप्ति हो सकती है.

मिथुन- मिथुन राशि के जातकों पर श्रेष्ठ प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा. चोट लगने और अपयश का योग बन सकता है. काले रंग का वस्त्र न पहनें.

कर्क- स्वर्णिम असर देखने को मिलेगा. लाल धागा कलाई में पहने से दोनों ग्रह से अच्छा परिणाम मिलेगा. आकास्मिक धन लाभ हो सकता है.

सिंह- विशेष कष्ट का सूचक साबित होगा. मृत्यु स्थान में शनि-मंगल की स्थित होने के कारण नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.

कन्या- सुख-सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है. इस राशि के जातकों के लिए यह घटना शुभ प्रभाव प्रदान करने वाली रहेगी.

तुला- तुला राशि के जातकों के लिए यह स्थिति सर्वोत्तम रहेगी. भूमि-भवन के क्रय-विक्रय से लाभ मिलेगा.

वृश्चिक- एक्सीडेंट का योग बन सकता है. दोनों ग्रह की दृष्टि मृत्यु स्थान पर है. उपाय के तौर पर मसूर और काली उड़द दाल का दान कर सकते हैं.

धनु- भूमि-भवन से लाभ होने की संभावना है. रुके हुए कार्य बनेंगे. धन में वृद्धि का योग है.

मकर- खर्च की अधिकता होगी. द्वादश भाव में दोनों ग्रह रहेंगे. लाल और काले रंग से परहेज करें.

कुंभ- सबसे ज्यादा इस अवस्था से किसी राशि के लोगों को लाभ होगा तो वे कुंभ राशि के जातक होंगे. कुंभ का अन्य राशियों पर प्रभाव भी बढ़ेगा. अगर शनि मंत्र- ओम शं शनैश्चरैय नमः का जाप 108 बार करते हैं तो लाभ और अच्छा होगा.

मीन- इस राशि के लोगों के लिए यह अवस्था सोने पर सुहागा होगी. शनि और मंगल दोनों धनु में होंगे, जिसके स्वामी बृहस्पति हैं. स्वर्ण काल रहेगा. बृहस्पति के कारण अध्यात्म की प्राप्ति होगी.