इस सप्ताह की आखिरी तारीक 31 मार्च, शनिवार को हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रों में वर्णित है कि हनुमान जी एेसे देव हैं, जो भक्तों की पूजा से जल्द प्रसन्न होकर उनके सारे कष्ट हर लेते हैं। इसलिए देशभर के हनुमान मंदिरों में इस दिन भक्तों का खूब जमावड़ा देखने को मिलता है। तो आईए आपको हनुमान जी से संबंधित एक एेसी जगह के बारे में बताएं, जिसे हनुमान जी की जन्म स्थली माना जाता है।

ये जगह झारखंड के गुमला नामक जिले के आंजन गांव में स्थित है। यहां एक गुफा को भगवान हनुमान का जन्म स्थल माना जाता है। मान्यता अनुसार कलियुग में यह गुफा अपने आप बंद हो गई, जिसके पीछे भगवान हनुमान जी की माता अंजनी का गुस्सा माना जाता है। 

माता अंजनी के नाम पर पड़ा इस जगह का नाम 

हनुमानजी की माता अंजनी के नाम से ही इस गांव का नाम आंजन पड़ा। यह गांव गुमला जिला से लगभग 22 कि.मी. की दूरी पर है। यहां पर एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान हनुमान की माता की गोद में बैठे दिखाई देते हैं।

कलियुग में बंद हो गए गुफा के द्वार

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, हनुमानजी का जन्म गुमला जिले के आंजनधाम स्थित एक पहाड़ी की गुफा में हुआ था। जिस गुफा में भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, उसका दरवाजा कलयुग में अपने आप बंद हो गया। गुफा के दरवाजे को भगवान हनुमान की माता अंजनी ने स्वयं बंद कर लिया क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा वहां दी गई बलि से वे नाराज थीं। आज भी यह गुफा आंजन धाम में मौजूद है।

953 में स्थापित किया गया मंदिर

आंजनधाम में एक छोटा सा मंदिर है, जिसकी स्थापना भगवान हनुमान के भक्तों ने 1953 में की थी। इस मंदिर में भगवान हनुमान और माता अंजना की सुंदर प्रतिमाएं है। यहां भगवान हनुमान अपनी माता की गोद में बैठे दिखाई देते हैं।

यहां मौजूद सरोवर में किया था राम-लक्ष्मण में स्नान

आंजन क्षेत्र से और भी कई पौराणिक गाथाएं जुड़ी हैं। इसी क्षेत्र में एक पंपापुर नाम का सरोवर है, जिसे लेकर मान्यता है कि इसी सरोवर में भगवान राम और लक्ष्मण ने स्नान किया था।