जानवरों से इंसान का लगाव नहीं है। अपने पालतू जानवरों से लोग बच्चों जैसा प्यार करते हैं। मगर ऐसा कम ही सुनने को मिलता है कि कोई परिवार अपने पालतू का पूरे रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार करे। उत्तरप्रदेश के अमरोहा में एक परिवार ने अपने पालतू तोते का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के साथ किया। ये तोता परिवार का लाड़ला था।


हसनपुर में रहने वाले पंकज कुमार मित्तल पेशे से एक टीचर हैं। उन्होंने 5 मार्च को अपने तोते की मौत के बाद रविवार को भोज और हवन का आयोजन किया। उन्होंने पांच साल पहले एक तोता पाला था, जिसकी पांच मार्च को मौत हो गई थी। मित्तल का कहना है, ‘जब मैंने उसे पाला था तब उसकी हालत बहुत नाजुक थी, उसके पैर में चोट लगी थी, जिसकी वजह से वो उड़ भी नहीं पाता था। बड़ी तीमारदारी के बाद वो पूरी तरह ठीक हुआ और उसे अपने बेटे से भी ज्यादा लाड़-दुलार दिया था।"

तोते के लिए मित्तल परिवार गंगा घाट गया और वहां उसकी अस्थियों का विसर्जन किया। परिवार के लोगों ने तोते की तेरहवीं के भोजने में लोगों को आमंत्रित करने के लिए कार्ड भी छपवाए और तोते की आत्मा की शांति के लिए हवन करवाया।