मध्य प्रदेश के ग्वालियर में युवतियों ने सेनेटरी नैपकीन को लेकर बड़ा अभियान चलाया है. अभियान के तहत युवतियों ने महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश से एक हजार सेनेटरी नैपकिनों पर संदेश लिखकर पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर ग्वालियर कलेक्टर को भेंट किए है. युवतियों ने मांग की है, सेनेटरी नैपकिन को जीएसटी से मुक्त किया जाएं और ग्रामीण इलाकों में इसे फ्री में दिए जाएं.


देश की आधी आबादी यानी स्त्रियों के मासिक धर्म में काम आने वाले सेनेटरी नैपकिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजने की तैयारी बीते दो महीने से की जा रही थी. सरकार ने सेनेटरी नैपकिन को लक्जरी आइटम की श्रेणी में रखते हुए इस पर जीएसटी लगाया गया है. इसके विरोध में मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र और बिहार प्रान्त की महिलाओं ने इसके खिलाफ अभियान छेड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेनेटरी नैपकिन भेजे हैं. इसके लिए युवतियों ने ग्वालियर की हर गली में पहुंचकर जागरुकता अभियान चलाया.


सेनेटरी नैपकिन को लक्जरी आइटम की श्रेणी से हटाकर इसे जीएसटी से मुक्त करने को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान में कई महिलाओं और लड़कियों ने पैड्स पर अपना नाम लिखकर और उसकी महत्ता लिखकर हस्ताक्षर किए है. युवाओं ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वह दूसरे चरण में एक लाख और तीसरे चरण में 5 लाख पैड्स प्रधानमंत्री को भेजेंगी.


तीन राज्यों में चलाए गए इस अभियान की पहली कड़ी में एक हजार से ज्यादा संदेश लिखे हुए पैड्स को ग्वालियर कलेक्टर को सौपा है, जिसे युवतियां पीएम नरेंद्र मोदी के पास पहुंचाना चाहती हैं.