मुंबई अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकला आक्रोशित किसानों का जत्था मुंबई के आजाद मैदान में डटा हुआ है. पूर्ण कर्जमाफी यानी कर्जमुक्ति जैसी मांगों को लेकर ये किसान करीब 200 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद मुंबई पहुंचे हैं. नाराज किसानों ने आज विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है.


अपडेट्स...


-किसानों का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा पहुंच गया है. यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्रियों की समिति से किसानों की बैठक चल रही है. इस मुलाकात के बाद ही किसान फैसला करेंगे कि उनका मार्च खत्म होगा या वो विधानसभा का घेराव करेंगे.


-इससे पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि किसानों की मांग को लेकर मंत्रियों की समिति और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि किसानों की मांगों पर एक समयसीमा तय की जाएगी. 


-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है यह केवल महाराष्ट्र के किसानों की मांग नहीं है, बल्कि पूरे देश के किसानों की यही समस्या है.


6 मार्च को नासिक से निकलकर किसानों के काफिले में रविवार को मुंबई पहुंचते-पहुंचते करीब 40 हजार किसान जुड़ गए. ठाणे पहुंचने पर शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री ने भी उनसे मुलाकात की और समर्थन का ऐलान किया. यहां से किसान आगे बढ़ते हुए रात के वक्त मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान पहुंच गए हैं.


आज बच्चों की बोर्ड परीक्षा है, जिसके लिए किसान रुके हुए हैं. जैसे ही परीक्षा खत्म होगी, किसान विधानसभा का घेराव करने निकल जाएंगे.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है. उन्होंने आंदोलनरत किसानों से सोमवार को शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की है. ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में दिक्कत न हो.


फडणवीस ने कहा है कि सरकार उनसे बात करेगी और उनके मुद्दों को सुलझाएगी. सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है. उन्होंने कहा, 'उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनाई है. हमने उन्हें (किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है.

-आंदोलन कर रहे किसानों की पहली मांग पूरे तरीके से कर्जमाफी है. बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है. मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है. ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले.


- किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं. इसलिए उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाए.


- फसलों के सही दाम न मिलने से भी वो नाराज है. सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है.


- किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें भी लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं.