कोई आईआईएम के एंट्रेंस टेस्‍ट में टॉप आए और फिर एडमिशन न लेकर दोस्तों और दूसरे छात्रों की मदद के लिए खुद को समर्पित कर दे, ऐसा कम ही देखने को मिलता है. लेकिन बायजू रविंद्रन ऐसे ही शख्‍स का नाम है. आईआईएम की डिग्री नहीं लेकर खुद करोड़पति बनने की जगह उन्‍होंने दूसरों को करोड़पति बनाने की ठानी, लेकिन उनकी मेहनत और समर्पण ने आज उन्‍हें अरबपति बना दिया है. आज उनकी कंपनी की सालाना कमाई 260 करोड़ रुपए है, जिसे वे 3 साल के भीतर 3000 करोड़ रुपए से भी अधिक करना चाहते हैं.

टीचिंग में आने का आइडिया रविंद्रन का अपना नहीं था. इस आइडिया के पीछे वही फ्रेंड और स्‍टूडेंट्स थे, जिन्‍हें उन्‍होंने शुरुआत में पढ़ाना शुरू किया था. शुरुआती आठ सदस्‍यों की टीम ने ही इस बड़े ब्रांड की नींव डाली थी. एशिया की highest-valued tech company- Tencent ने पिछले साल जुलाई में ही बायजू की वैल्‍यूएशन 80 करोड़ डॉलर यानी लगभग 5000 करोड़ रुपए आकी थी. ऐसे में इस समय यह कंपनी संभव है कि उससे अधिक की हो.

इंजीनियर होने के कारण गणित के प्रति बायजू में स्‍वाभाविक अभिरुचि थी. जल्‍द इस विषय की विशेषज्ञता ने उन्‍हें छात्रों के बीच लोकप्रिय बना दिया. इस तरह उन्‍हें अपनी मजबूती का अहसास हुआ और फिर इस मजबूती को उन्‍होंने और उभारने की सफल कोशिश की.

यही कारण है कि उनकी कंपनी में मार्केटिंग मामलों के वाइस प्रेसिडेंट अर्जुन मोहन जैसे उनके कई छात्रों ने आईआईएम की पढ़ाई छोड़कर उनका यह स्‍टार्टअप ज्‍वाइन किया. उनकी पत्‍नी और कंपनी की डायरेक्‍टर दिव्‍या गोकुलनाथ भी गणित और बायोलॉजी पढ़ाती हैं. उनकी मुलाकात भी टीचिंग के दौरान ही हुई थी.

गांव के स्‍कूल में पढ़ाई करने वाले बायजू रविंद्रन ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका यह स्‍टार्टअप इतना बड़ा हो जाएगा कि बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान उसके लिए विज्ञापन करेंगे. लेकिन यह सब चंद वर्षों में ही संभव हो गया.

उनकी कंपनी का नाम भी उनके नाम पर ही रखा गया. बायजू की ऑनलाइन कोचिंग कंपनी के जरिए सालाना कमाई 260 करोड़ रुपए हो चुकी है. बायजू अब टीवी और डिजिटल माध्‍यम के जरिए जोरदार तरीके से अपना विज्ञापन कर रही है और इस अभियान की अगुवाई शाहरुख खान कर रहे हैं.

बायजू ने शाहरुख को इसलिए बना एंबैस्‍डर बनाया, क्‍योंकि शाहरुख हर उम्र के लोगों में पॉपुलर हैं. उनकी लोकप्रियता विदेशों में भी है. अगले 3 साल में कंपनी ने अपने रेवेन्यू का लक्ष्‍य 260 करोड़ से बढ़ाकर 3250 करोड़ करने का रखा है.

बायजू ने अपनी इंजीनियरिंग पूरी करके शुरुआत में एक शिपिंग कंपनी में नौकरी शुरू की थी. उसी दौरान अपने कुछ दोस्तों को एमबीए की परीक्षा देनी थी. इस तैयारी के लिए उन्‍होंने बायजू की मदद मांगी. बायजू ने परीक्षा की तैयारी में मदद करने की सोची और इस तरह उनकी टीचिंग शुरू हुई. बेहतर रिजल्ट ने उनके लिए सफलता के द्वार खोल दिए.

धुन के पक्‍के बायजू ने महज 2 लाख रुपए से कोचिंग शुरू की थी. साल 2011 में उन्‍होंने बायजू नाम से अपना स्टार्टअप खोला. शुरुआत में बायजू को क्‍लास लेने के लिए कई शहरों में जाना पड़ता था. इसे देखते हुए बाद में उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ही जगह रहकर अपने सभी छात्रों तक पहुंचा जा सके. इस तरह पहली बार 2009 में उन्‍होंने CAT के लिए ऑनलाइन वीडियो बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत की. उनकी कंपनी चौथी से 12वीं क्लास के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग दे रही है. 2015 में उन्होंने BYJU’s एप लॉन्च किया, जो जबर्दस्‍त हिट हुई.

BYJU’s ए के तहत कुछ कंटेंट तो फ्री है, लेकिन एडवांस लेवल के लिए फीस देनी होती है. इस समय 40 लाख छात्र बायजू से जुड़े हैं, जिनमें करीब 7 लाख पेड सब्सक्राइबर्स हैं. बायजू में 1000 कर्मचारी भी काम कर रहे हैं. BYJU’s एप से कुल रेवेन्यू का 90 फीसदी हिस्सा आ रहा है, जबकि विदेशी यूजर्स से आने वाले रेवेन्यू का हिस्सा 15 फीसदी है.