आरएसएस ने आज कहा कि अयोध्या विवाद पर एक आमसहमति बनाना आसान नहीं होगा लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश के इस नगर में'' और कुछ नहीं  बल्कि एक राममंदिर का निर्माण होगा।


आरएसएस के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने इस बात पर भी जोर दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।


जोशी ने यहां आरएसएस की महत्वपूर्ण अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा, '' यह निश्चित है कि उस स्थान( अयोध्या)  पर राममंदिर का निर्माण होगा और वहां कुछ और नहीं बन सकता,  यह भी निश्चित है।


मामले पर उच्चतम न्यायालय से एक अनुकूल फैसला आने को लेकर आश्वस्त जोशी ने कहा कि मंदिर का निर्माण अदालत के आदेश के बाद शुरू होगा और इसका निर्माण जमीन के स्वामित्व पर उसके फैसले के आधार पर होगा।


मुद्दे पर विभिन्न पक्षों के बीच आमसहमति बनाने की दिशा में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर के प्रयासों के बारे में पूछे गए सवाल पर जोशी ने कहा कि आमसहमति बनाना आसान नहीं होगा।


जोशी ने कहा, '' हमने हमेशा ही कहा है कि मंदिर का निर्माण परस्पर सहमति से होना चाहिए लेकिन हमारा अनुभव कहता है कि इस मुद्दे पर एक आमसहमति बनाना आसान नहीं होगा।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( आरएसएस)  नेता जोशी ने यद्यपि कहा कि वह बातचीत को लेकर रविशंकर की ओर से किये गए प्रयासों का स्वागत करते हैं लेकिन उन्होंने यह उल्लेख किया कि समाज में विभिन्न दृष्टिकोण के अलग अलग समूह हैं और उनके बीच आमसहमति बनाना मुश्किल है।


जोशी से कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के लिए एक अल्पसंख्यक धर्म का दर्जे की मांग के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, '' हम उसका समर्थन नहीं करते।