नई दिल्ली.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रविवार को पहली इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) समिट का इनॉगरेशन करेंगे। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समिट में फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका समेत 23 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 10 देशों के मंत्री समेत 121 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसे दुनिया के सोलर एनर्जी सेक्टर में भारत और फ्रांस की बड़ी पहल माना जा रहा है। तीन साल पहले गुड़गांव में आईएसए के हेडक्वार्टर की नींव रखी गई थी।



समिट में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?


- आईएसए समिट में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने, क्राउड फंडिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, क्रेडिट मैकेनिज्म, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन, ग्रिड सोलर एनर्जी, वॉटर सप्लाई और सिंचाई जैसे मुद्दों पर तैयार प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। 

- इसका मकसद अलायंस में शामिल सभी देशों को सस्ती, क्लीन और रिन्युएबल एनर्जी मुहैया कराना है। इसके अलावा ग्रीन, क्लीन और सतत ऊर्जा को सुनिश्चित करना है।

- बता दें कि चीन सोलर एनर्जी में सबसे ज्यादा 98.4% प्रोडक्शन करता है। इसके बाद जापान, जर्मनी, यूएस और इटली का नंबर आता है।


फ्रांस के राष्ट्रपति ने सोलर एलायंस लॉन्च किया


- 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पेरिस में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) का गठन किया था। 2016 में ओलांद ने ही आईएसए के हेडक्वार्टर की गुड़गांव में नींव रखी थी। अब फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों रविवार को राष्ट्रपति भवन में इसके पहले समिट का इनॉगरेशन करेंगे।


क्या है आईएसए?


- आईएसए कर्क और मकर रेखा के बीच आने वाले देशों का समूह है। इसमें 121 देश शामिल हैं। इन देशों में सालभर धूप रहती है। सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। 

- भारत ने सोलर अलायंस के हेडक्वार्टर के लिए 5 एकड़ जमीन दी है। आईएसए और वर्ल्ड बैंक ने 2017 में ग्लोबल सोलर एटलस जारी किया था। मिनी सोलर ग्रिड भी बनाई है।


हम सोलर एनर्जी प्रोडक्शन में टारगेट से 3 साल आगे


- भारत अभी सोलर एनर्जी से हर साल 20 हजार मेगावॉट बिजली पैदा कर रहा है। 2022 तक सोलर एनर्जी से 100 गीगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। भारत सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने के लक्ष्य से तीन साल आगे चल रहा है। 2030 तक 40% को रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करना है। ये 2027 में ही पूरा होता दिख रहा है।


समिट में कौन-कौन लेंगे हिस्सा?


- फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ श्रीलंका, बांग्लादेश के राष्ट्रपति समिट में रहेंगे। साउथ अमेरिकन, पैसेफिक देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक, ब्रिक्स बैंक, एडीबी, यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक के हेड हिस्सा लेंगे।


- विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने ट्वीट कर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने लिखा, "भारत इंटरनेशनल सोलर अलाइंस में गिनी, तुवालु, डीआर कांगो, गैबॉन, गांबिया, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस से आए सभी मेहमानों का स्वागत करता है।"