यहां बरसों से कोई नहीं आया, ये ताला भी बरसों से नहीं खुला. फिर कौन आता है यहां ? कौन है इस बंगले में ? आखिर क्या है ये रहस्य?...

ये कहानी है देश के सबसे डरावने गांव की. ये कहानी है एक वीरान बंगले की. ये कहानी है उस बंगले में रहने वाले एक ऐसे किरदार की, जो सदियों पहले यहां रहता था और शायद आज भी है. यही वजह है कि उत्तराखंड का ये खूबसूरत गांव, मनहूस कहलाने लगता है.

रात गहराते ही इस गांव में दहशत की दस्तक सुनाई देने लगती है. क्या भूत-प्रेत वाकई होते हैं या ये सब सिर्फ कुछ लोगों का वहम है. क्या इस गांव में वाकई कोई अनदेखी ताकत है या कोई मनगढंत कहानी.

क्या उस बंगले में वाकई कोई रहता है या सिर्फ नज़र का धोखा है. उत्तराखंड के अबोट माउंट के इस डरावने बंगले में कैद सदियों पुराने रहस्य की पड़ताल  और ये पड़ताल केवल कैमरे की नज़र से नहीं, बल्कि ये विज्ञान की आधुनिक तकनीक के साथ एक रहस्यमयी तफ्तीश है.

ये कहानी इस गांव के एक मशहूर बंगले की है, जिसका नाम ऐबी था. इस बंगले को आज से करीब 111 साल पहले साल 1905 में बनावाया गया था. किसी जमाने यहां रहते थे एक अंग्रेज डॉक्टर मौरिस. साल 1921 में इस बंगले को अस्पताल में तब्दील कर दिया गया.