नई दिल्ली गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई मंदिरों का दौरा किया था. तब कहा गया था कि कांग्रेस पार्टी सॉफ्ट हिन्दुत्व का कार्ड खेल रही है. इस पर सोनिया गांधी ने कहा कि मंदिर जाना चुनावी रणनीति का हिस्सा नहीं था और बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार किया था.


मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में जब सोनिया गांधी से पार्टी की विचारधारा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने यह प्रचारित किया कि कांग्रेस मुस्लिम पार्टी है. लेकिन मैं कहना चाहूंगी कि कांग्रेस में बहुसंख्यक नेता हिन्दू हैं और वह भी अलग-अलग जातियों से आते हैं. पार्टी में मुस्लिम भी हैं, लेकिन कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी कहना मेरी समझ से परे है.'


राजीव के साथ किए मंदिर दर्शन


सोनिया गांधी ने कहा कि हम हमेशा मंदिर जाते हैं, यहां तक कि राजीव के साथ जब भी हम कहीं जाते थे तो कम से कम एक प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन तो जरूर करते थे. लेकिन हमने कभी उसका प्रचार नहीं किया, क्योंकि यह एक सामान्य बात है.


कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गुजरात में कई मंदिरों में गए, यही कारण था कि लोगों का ध्यान इस बात पर गया. लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये किसी रणनीति का हिस्सा था.

पिछड़ों के उत्थान पर जोर


कांग्रेस पार्टी के विचारधारा पर बोलते हुए सोनिया ने कहा कि वो एक कांग्रेसी हैं और पार्टी हमेशा विकास के एजेंडे पर काम करती है. साथ ही सोनिया ने कहा, 'हमारी कोशिश रहती है कि जो लोग हाशिए पर चले गए हैं, उनके उत्थान के लिए काम किया जाए, गरीबों-पिछड़ों के लिए नीतियां बनाई जाएं.'


सोनिया से जब पूछा गया कि वह किस तरह की गवर्नेंस में विश्वास रखती हैं तो उनका साफ कहना था कि उनका मानना है मिनिमम और मैक्सिमम गवर्नेंस की बजाए बैंलेस गवर्नेंस होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यूपीए के दौरान सरकार ने कई जनहित की योजनाओं को लागू किया था और अगर फिर से सत्ता में आए तो जनहित के लिए नीतियां जरूर बनाएंगे.