अगरतला, त्रिपुरा त्रिपुरा में 25 साल के लेफ्ट राज को खत्म कर सत्ता पर काबिज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार ने आज शपथ ली. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब देब ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके अलावा जिष्णु देव वर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह पहली बार हुआ है कि त्रिपुरा में किसी सरकार ने इस प्रकार खुले मैदान में शपथ ली हो.


शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे. अगरतला एयरपोर्ट पर बिप्लब देब ने पीएम मोदी का स्वागत किया. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे.

बिप्लब देब, जिष्णु देव वर्मा के अलावा कई विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. रतनलाल नाथ, नरेंद्र चंद्र देब बर्मा, सुदीप रॉय बर्मन, प्रांजित सिंह रॉय, मनोज कांति देब, मेवाड़ कुमार जमातिया, सांत्वना चकमा ने मंत्री पद की शपथ ली.बीजेपी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 35 सीटें हासिल कीं वहीं उसकी सहयोगी जनजातीय पार्टी आईपीएफटी ने आठ सीटों पर कब्जा जमाया है. इस तरह वाम गढ़ में दो तिहाई बहुमत से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. माकपा ने 16 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस अपना खाता खोलने में नाकाम रही. 1 सीट पर चुनाव नहीं हो पाया था.


बीजेपी की जीत के बाद त्रिपुरा में हुई हिंसा


आपको बता दें कि 3 मार्च को आए नतीजों के बाद से ही त्रिपुरा में हिंसा की स्थिति बनी हुई थी. बीजेपी समर्थकों ने साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविज़न में बुलडोज़र की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया था.


देश में कई जगह हुई इस प्रकार की घटना


त्रिपुरा के बाद मूर्ति तोड़े जाने की घटना पूरे देश में कई जगहों पर फैली. त्रिपुरा में लेनिन, तमिलनाडु में पेरियार, उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब अंबेडकर, पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, केरल में महात्मा गांधी की मूर्ति को खंडित किया गया.


PM मोदी जता चुके हैं नाराज़गी


मूर्ति तोड़े जाने की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह चिंता व्यक्त कर चुके हैं. गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को इस प्रकार की घटनाओं से सख्ती से निपटने के आदेश दिए गए हैं.