प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को खशहाल बनाने में लगा रहता है। इसके लिए वह हर कोशिश करता है। लेकिन कई बार फिर भी सफल नहीं हो पाता। भारतीय वास्तुशास्त्र में इसके लिए अनेक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से अपने जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। आईए जानते हैं वे छोटे-छोटे वास्तु उपाय जिनसे हम जिंदगी को खुशहाल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।



भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार, जहां तक संभव हो घर में असली पौधे रखें, यह काफी शुभ माना जाता है। यदि कृत्रिम पौधे भी लगाने हों, तो प्राथमिक रंगों (लाल-नीला-हरा) को अधिक महत्त्व दें। सेकेंडरी यानी द्वितीयक रंगों के चुनाव में काफी सावधानी बरतें। गौरतलब है कि द्वितीयक रंगों का निर्माण प्राथमिक रंगों के सहयोग से होता है।



घर का हर कमरा रोशनी से भरा और हवादार होना चाहिए। ताकि सूर्य की रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सके। यदि कमरे में ड्रैसिंग टेबल रखना हो तो उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखें। कमरे में सोफा, टीवी और कूलर उत्तर दिशा की ओर रखें।



घर के अंदर प्रवेश द्वार की दाईं ओर फिश पॉट रखें। इससे घर में धन बढ़ता है। यदि पलंग के नीचे जगह हो तो उसमें बिस्तर या ऑफ सीजन के कपड़े रखें। पलंग के नीचे के स्थान को कूड़ाघर न बनाएं। इससे पति-पत्नी के बीच मतभेद की स्थितियां पैदा होती हैं। पर्दों का रंग हल्का होना चाहिए। लेकिन चाहें तो गहरे रंग के पर्दे दक्षिण या पश्चिम में प्रयोग कर सकते हैं। टॉयलेट उत्तर-पूर्व में नहीं होना चाहिए। इससे धन जल्दी खर्च हो जाता है।