प्योंग्यांग. साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशें जारी हैं। इसी के तहत उत्तर कोरिया का एक डेलिगेशन मंगलवार को पहली बार तानाशाह किम जोंग-उन से मिला। मीटिंग में दोनों के बीच अगले महीने बातचीत पर सहमति बन गई है। खास बात यह रही कि इस डेलिगेशन का स्वागत किम जोंग ने खुद किया। इस दौरान किम जोंग ने कहा- "मैं अब साउथ कोरिया के साथ अच्छे और करीबी रिश्ते चाहता हूं। मेरा मानना है कि दोनों देश दोबारा एक साथ आकर इतिहास बनाएं।" इससे पहले 2007 में साउथ कोरिया का एक डेलिगेशन नॉर्थ कोरिया के दौरे पर गया था। तब सत्ता किम जोंग के पिता किम जोन-इल के हाथ में थी।



नॉर्थ कोरिया बातचीत के दौरान नहीं करेगा न्यूक्लियर टेस्ट


- सियोल लौटने के बाद डेलिगेशन ने बताया कि नॉर्थ कोरिया अप्रैल में दोनों देशों के बीच 'शिखर सम्मेलन' करने पर राजी हो गया है। साथ ही बातचीत के दौरान उसने अपने न्यूक्लियर और मिसाइल टेस्ट बंद करने की बात भी कही है।


मीटिंग में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?


- नॉर्थ कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, मीटिंग में नॉर्थ-साउथ के बीच रिश्ते मजबूत करने और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति स्थापित करने पर बात हुई। इसके अलावा सियोल डेलिगेशन ने किम को राष्ट्रपति मून जेइ-इन का पर्सनल लेटर भी सौंपा।


- बता दें कि साउथ कोरिया के राष्ट्रपति पिछले काफी वक्त से नॉर्थ कोरिया से बातचीत शुरू करने की वकालत करते आ रहे हैं।


डेलिगेशन में कौन शामिल था?


-साउथ कोरिया के इंटेलिजेंस चीफ सूह हून और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर चुंग युई-योंग के अलावा दूसरे अफसर थे। इनकी तादाद कितनी थी। इसके बारे में खुलासा नहीं किया गया।


किम जोंग-उन खुद स्वागत करते दिखे


- न्यूज एजेंसी केसीएनए ने किम और साउथ कोरियाई डेलीगेट्स कई फोटोज रिलीज कीं। इनमें खुद तानाशाह किम जोंग-उन साउथ कोरिया के अफसरों का स्वागत करते दिख रहे हैं।


- कुछ और फोटोज में साउथ कोरिया के इंटेलिजेंस चीफ सूह हून और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर चुंग युई-योंग, डिनर के दौरान किम के साथ बातचीत करते देखे जा सकते हैं। डिनर में किम के साथ उनकी वाईफ रि-सोल जू और बहन किम यो-जोंग भी मौजूद थीं।


पहली बार तानाशाह से मिला साउथ कोरिया का डेलिगेशन


-पिछले 7 साल में यह पहला मौका है कि साउथ कोरिया के अधिकारी किम जोंग-उन से सीधे तौर पर मिले हैं। किम जोंग-उन अपने पिता किम जोन-इल की मौत के बाद 2011 में सत्ता में आए थे। तभी से दोनों के बीच रिश्ते बेहतर नहीं रहे।


इमेज सुधारने की कोशिश कर रहा है नॉर्थ कोरिया


- कोरियाई प्रायाद्वीप में लगातार बिगड़ते हालातों के मद्देनजर ये पहली बार है कि नॉर्थ कोरिया लगातार अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। इसी साल साउथ कोरिया में हुए विंटर ओलिंपिक में नॉर्थ और साउथ कोरिया की टीमों ने एक झंडे के नीचे हिस्सा लिया था। तानाशाह ने अपनी बहन किम यो जोंग को भेजकर दोनों देशों के बीच तल्खी कम करने की कोशिश भी की थी। 

- इन्हीं कोशिशों के चलते साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट मून जेई-इन ने बीते हफ्ते अपना डेलीगेशन नॉर्थ कोरिया भेजने की बात कही थी।